बदायूं। धान खरीद में अब तक जिले के 35 सरकारी क्रय केंद्र ऐसे हैं जहां पर एक भी दाने की खरीद नहीं हो सकी। वहां पर केंद्र प्रभारी हाथ पर हाथ रखकर बैठे हैं। मात्र विपणन शाखा के ही क्रय केंद्रों पर धान की खरीद हुई है। जबकि तीन अन्य क्रय एजेंसियां अब तक अपना खाता तक नहीं खोल सकी हैं।
शासन के निर्देश पर जिले में एक अक्तूबर से धान खरीद शुरू कर दी गई है। किसानों की सहूलियत के लिए चार एजेंसियों को नामित किया गया है जिनमें विपणन शाखा, पीसीएफ, यूपीएसएस, एफसीआई शामिल है। यहां पर शासन द्वारा घोषित समर्थन मूल्य में कॉमन धान 2183 रुपये व ग्रेड एक धान 2203 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों से धान खरीदा जाना है, लेकिन जिले में अभी हालात बेहद खराब चल रहे हैं। यहां पर क्रय एजेंसी विपणन के 15 केंद्रों में 12 सेंटरों पर अभी तक 230 एमटी धान की खरीद की गई है। जबकि अन्य सभी सेंटरों पर खरीदारी तक शुरू नहीं हो सकी है।
बावजूद क्रय केंद्र प्रभारी सक्रिय नहीं दिख रहे हैं। वहां पर लापरवाही देखने को मिल रही है। हालात यह है कि इनके द्वारा किसानों से संपर्क तक नहीं किया जा रहा है जिसकी वजह शासन की मंशा के अनुरूप जिले में धान खरीद में तेजी नहीं आ रही है।
अधिकारियों के निर्देश नहीं आ रहे काम : पिछले दिनों जिले में धान खरीद केंद्रों का डीएम मनोज कुमार समेत अन्य अधिकारियों ने निरीक्षण किया था। उन्होंने क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया कि वह धान खरीद में तेजी लाएं। जिसके बाद से विपणन शाखा में तो तेजी देखी गई, लेकिन क्रय एजेंसियों पर इसका असर नहीं दिखाई दिया।
मंडी में टकराते हैं सीधे किसान : जिले में कई सरकारी क्रय केंद्र ऐसे हैं जहां पर अभी तक धान खरीद नहीं हुई है। किसान रामभरोसे, किशन वीर, श्याम सिंह ने बताया कि मंडी में सरकारी क्रय केंद्र के साथ आढ़ती भी होते हैं। ऐसे में अगर सरकारी क्रय केंद्र पर मना कर दें तो तुरंत आढ़ती के द्वारा वहीं पर धान खरीद लिया जाता है। ऐसे में जो मंडी के बाहर क्रय एजेंसी हैं। वहां कोई किसान जा ही नहीं रहा। वहां के प्रभारी भी अपने स्तर से कोई प्रयास नहीं कर रहे हैं।