बदायूं। शहर से लेकर देहात क्षेत्र तक बिजली कटौती से हाहाकार मचा हुआ है। इससे जिले के छह लाख लोग प्रभावित रहे। मोहल्ला नेकपुर में शुक्रवार रात 10 बजे लाइन में फॉल्ट आने से बिजली गुल हाे गई। चार घंटे बाद बिजली आपूर्ति सुचारू हो सकी। मोहल्ला जबाहरपुरी, दातागंज तिराहा, मधुवन कॉलोनी, नई सराय आदि मोहल्लों में भी चार घंटे बिजली ठप रही। पनबड़िया सब स्टेशन से भी दिन भर फॉल्ट होने से बिजली सप्लाई बाधित रही। इससे शहर की 3.50 लाख आबादी प्रभावित रही। पांच घंटे तक शहर में अंधेरा छाया रहा। वहीं देहात क्षेत्र में पिछले 12 घंटे के भीतर अलग-अलग फीडरों पर फॉल्ट तथा ट्रिपिंग के चलते 2.50 लाख लोग पसीना बहाते रहे। ओवरलोड के चलते एक फीडर को बंद कर दूसरे को आपूर्ति देने का काम किया गया। फिर भी हालात काबू में नहीं रहे।
लगातार बिजली लाइनों से तार टूटकर गिरने का क्रम जारी है। पिछले एक सप्ताह में छह लोगों की जान भी चली गई। इसके बावजूद विभाग के अधिकारी व कर्मचारी जर्जर लाइनों के बारे में सोच नहीं पा रहे हैं। शनिवार को देखा गया तो जरीफनगर क्षेत्र में ट्रांसफार्मर जमीन पर रखा मिला। ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। शुक्रवार को डनलप में रखकर ट्रांसफार्मर चल रहा था जिसमें एक बालक की मौत हुई थी। इसके बाद भी इसी क्षेत्र में जमीन पर रखकर ट्रांसफार्मर चलाए जा रहे हैं। वहीं एमएफ हाईवे पर दहेमी गांव के पास बिजली का खंभा ही टूटा हुआ है। इससे बिजली लाइन हाईवे पर लटक रही है। इससे भी हादसे का अंदेशा है।
कस्बे में हो रही बिजली कटौती
सैदपुर। नगर में लोग लो वोल्टेज की समस्या से दस हजार लोग जूझ रहे हैं। विद्युत संचालित उपकरण कूलर, पंखे और एसी ठीक ढंग से संचालित नहीं हो पा रहे। जेई रामस्वरूप ने बताया कि इस समय ओवरलोड की समस्या चल रही है। फॉल्ट होने के बाद शटडाउन लिया जाता है। यही वजह है कि बिजली सप्लाई बाधित करनी पड़ जाती है। संवाद
ट्रिपिंग से दिन भर परेशान रहे 25 हजार लोग
सहसवान। शनिवार सुबह से ही ट्रिपिंग का दौर शुरू हो गया। शाम करीब 5:00 बजे तक इसी तरह कटौती होती रही। बिजली ने 25 हजार की आबादी को बेहाल कर दिया। यहां समस्या ओवरलोड की सामने आई। ट्रिपिंग से लोग हलकान रहे। शाम पांच बजे के बाद बिजली ठीक हो सकी तब कहीं जाकर लोगोें ने राहत की सांस ली। ओवरलोड की वजह से लाइट ट्रिप करती रही। संवाद
जर्जर हैं बिजली लाइनें, गर्मी से टूटकर गिर रहे तार
ककराला। कस्बे में सालों से बिजली की लाइन जर्जर चल रहीं हैं। नगर वासियों ने चेयरमैन और ईओ पालिका से भी लाइन के तार बदलवाने की मांग की थी, लेकिन समाधान नहीं हो सका है। पचास साल पुरानी बिजली की लाइनें आए दिन टूटकर गिर जाती हैं, जिसके चलते बार-बार शटडाउन लिया जाता है। इससे कस्बे की बिजली बाधित हो जाती है। कई स्थानों पर लोड अधिक होने के चलते पर्याप्त वोल्टेज नहीं आ रहे। जर्जर लाइन के तार टूटकर गिरने से दो बढ़ी घटनाएं भी हो चुकी हैं, लेकिन अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। हर रोज 25 हजार लोग पसीना बहा रहे हैं। संवाद
जमीन पर रखा ट्रांसफार्मर दे रहा मौत को दावत
जरीफनगर। बिजली विभाग की लापरवाही का आलम यह है कि गांव भवानीपुर खल्ली में रोड किनारे ट्रांसफार्मर लगाया है। उसे जमीन पर रखा गया है। बारिश होते ही आसपास के लोगों को करंट के झटके भी लगते आ रहे हैं। शिकायतों के बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। इसी क्षेत्र में शुक्रवार को डनलप में रखकर ट्रांसफार्मर चल रहा था जिसकी चपेट में आकर बालक की मौत हो गई। ट्रांसफार्मर से करंट फैलने के बाद कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। संवाद
जरीफनगर में भवानीपुर खल्ली में रोड किनारे जमीन पर रखा ट्रांसफार्मर। संवाद