बदायूं। जिले में इस समय धान की फसल 70 से 75 दिन की हो चुकी है। अगैती फसलों में बालियां निकल रही हैं। ऐसे में धान की फसल पर गंधी कीट और आभासी कंडुआ (फल्स स्मट) का प्रकोप बढ़ने लगा है। इसे देखते हुए जिला कृषि रक्षा अधिकारी मनोज रावत ने बताया कि किसान मैलाथियान धूल या नीम ऑयल का छिड़काव करें। यह दवाएं राजकीय कृषि रक्षा इकाइयों पर अनुदान पर उपलब्ध हैं। इसी तरह, आभासी कंडुआ रोग नमी और अधिक नत्रजन प्रयोग से फैलता है। इसमें दाने बड़े होकर घुंघरुओं जैसे हो जाते हैं और उनमें नारंगी रंग का फफूंद दिखाई देता है। बचाव के लिए बीज उपचार, संतुलित खाद का प्रयोग और समय से दवा का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। संवाद