बैठक में सीडीओ ने मनरेगा के तहत जिन मदों में काम किया जाना, उस बारे में विस्तार से समझाते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर बढ़ रहा है और मनरेगा का काम पूरा नहीं हो पा रहा है। कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत कराए जा रहे कार्यों को तेजी से किया जाए, जिससे प्रतिमाह कम से कम 600 कार्य दिवसों का आयोजन किया जाए। कहा कि इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। बैठक में सीडीओ ने पाया कि 15 ब्लाकों की 300 ग्राम पंचायतों में मनरेगा का काम बहुत कम हुआ है। उन गांवों के ग्राम विकास अधिकारियों को तेजी के साथ काम कराकर मानव दिवस आयोजित करने के निर्देश दिए।