वर्ष 2014-15 में ग्राम निधि के काम प्रिया साफ्टवेयर में नहीं हुए पूरे
काम पूरा न होने के कारण ग्राम पंचायतों को नहीं पहुंचेगा धन
ग्राम पंचायतों को कंप्यूटराइज्ड करने के लिए मुहिम शुरू हो चुकी है। ग्राम पंचायत निधि से जो विकास कार्य हो रहे हैं। उनके लिए अब तक प्रिया साफ्टवेयर का इस्तेमाल हो रहा था। अब दो और नए साफ्टवेयर लाए जा रहे हैं। पंचायत निधि में अब तीन साफ्टवेयर का प्रयोग होगा। हाल ही ग्राम पंचायतों के परिसीमन के बाद नई ग्राम पंचायतों का गठन हुआ है। पहले 885 ग्राम पंचायतें थीं, जो बढ़कर 1038 ग्राम पंचायतें हो गई हैं। परिसीमन से पहले 885 ग्राम पंचायतों में प्रिया साफ्टवेयर में ही का हो रहा था। इनमें केवल 555 ग्राम पंचायतें ही काम पूरा कर सकीं थी। 330 ग्राम पंचायतों का काम अधर में लटका हुआ है। शासन से मिले नए निर्देशाों पर इन ग्राम पंचायतों को तबतक आगे धन की प्राप्ति नहीं होगी, जब तक प्रिया साफ्टवेयर में लटका काम पूरा नहीं कर लेतीं। पूर्व की ग्राम पंचायतों को इस साफ्टवेयर में काम पूरा करना होगा। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो अब नए प्रधानों को धन लेने में काफी कठिनाई होगी। प्रिया साफ्टवेयर में पिछला हिसाब-किताब पूरा कराना होगा। ई-पंचायत के जिला कार्यक्रम प्रबंधक सचिन देव ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार प्रिया साफ्टवेयर में जिन पंचायतों काम की फीडिंग नहीं हुई है। उनको आगे धन मिलने की सुविधा नहीं होगी। इसलिए ऐसी 330 ग्राम पंचायतों को चेता दिया गया है कि वह अपनी ग्राम पंचायतों को इस साफ्टवेयर में अधूरा पड़ा काम पूरा करा लें।