श्री राम कथा में मौजूद श्रद्धालु। संवाद
बदायूं। शहर के श्री सीताराम मंदिर में चल रही श्री रामकथा में कथा व्यास आचार्य मुमुक्ष कृष्ण ने जटायु प्रसंग सुनाया। बताया कि जैसा परोपकार का उदाहरण जटायु ने प्रस्तुत किया, वैसा आज तक कोई नहीं कर पाया। माता सीता का विलाप सुनकर वह रावण से युद्ध को तैयार हो गया, भयंकर युद्ध हुआ और सीता की रक्षा में अपने प्राणों का बलिदान देकर जो उदाहरण दिया, वह आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि जो भक्त श्रीराम की शरण में चले जाते हैं, उनके जीवन में कभी प्रतिकूलता नहीं आती। निष्काम भाव से सच्चे मन से जो श्रीराम को पकड़ लेता है, प्रभु उसे कभी नहीं छोड़ते। इस दौरान मुख्य यजमान अर्जुन लाला गुप्ता, हरिओम रस्तोगी, पंडित बालमुकुंद महेरे, पुरोहित प्रदीप कवि महेश मित्र, डॉ. उमा सिंह गौर, दुलारी खुराना मौजूद रहे। संवाद