बदायूं। हत्या के 14 साल पुराने मामले में त्वरित न्यायालय की न्यायाधीश मिर्जा जीनत ने अंगद सिंह हत्याकांड में एक को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 30 हजार का जुर्माना लगाया है। इस मामले में एक आरोपी को दोष मुक्त कर दिया गया है। वहीं, एक की घटना के चार साल बाद मौत हो गई थी।
बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव बरखेड़ा निवासी जयवीर सिंह ने 5 जून 2010 को हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि रात्रि करीब साढ़े 11 बजे उसके पिता अंगद सिंह आंगन में सो रहे थे।
गांव परसेरा निवासी मुकेश सिंह, वीर सिंह,श्याम सिंह और रामरहीस अपने- अपने हाथों में तमंचा लेकर घर में घुस आए। चारपाई पर लेटे पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू की। घटना के समय रामरहीस का होना नहीं पाया गया।
विवेचक ने घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन करते हुए वीर सिंह, मुकेश और श्याम सिंह के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। तब से मामला न्यायालय में विचाराधीन था। इसी दौरान आरोपी मुकेश की मौत हो गई। सोमवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। एडीजीसी ओमपाल कश्यप ने बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद वीर सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। श्याम सिंह को साक्ष्य न मिलने पर दोष मुक्त कर दिया गया। संवाद