उझानी। छह दिन पहले ननाखेड़ा गांव की तीन पशुशालाओं में झुलसे पशुओं में से वीरेंद्र के एक पशु की इलाज के दौरान सोमवार को मौत हो गई।
ननाखेड़ा निवासी कमला पत्नी रामभरोसे, वीरावती पत्नी रामस्वरूप और वीरेंद्र की पशुशालाओं में रहस्यमय ढंग से आग लग गई थी। आग की चपेट में आने से तीनों पशुपालकों के आठ पशु झुलस गए थे। पशुपालक वीरेंद्र ने बताया कि उसकी पड़िया ने दमतोड़ दिया है। सात पशुओं का पशु चिकित्सक शिवेंद्र चौहान की देखरेख में इलाज चल रहा है। तीनों पशुपालकों की झोपड़ियां भी स्वाहा हो गई थीं। संवाद