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Budaun News: 680 ग्राम पंचायतें बनेंगी ओडीएफ प्लस मॉडल

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ठोस-तरल और कचरा प्रबंधन के अंतर्गत कराया जाएगा निर्माण
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- चिह्नित ग्राम पंचायतों से एक-एक राजमिस्त्री को दिया जाएगा प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। प्रदेश सरकार जिले की 680 ग्राम पंचायतों को ओडीएफ प्लस मॉडल बनाने जा रही है। इसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत से एक-एक राजमिस्त्री को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान राजमिस्त्रियों के भोजन और मानदेय की भी व्यवस्था की गई है। चिह्नित सभी ग्राम पंचायतों में ठोस-तरल और कचरा प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियों के मानक के अनुसार निर्माण कराया जाएगा।
प्रदेश सरकार की यह योजना वित्तीय वर्ष 2023-24 में शुरू होगी, लेकिन उससे पहले तैयारियां शुरू हो गई हैं। चिह्नित ग्राम पंचायतों में जो जो निर्माण कराए जाएंगे। उसके लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत से एक-एक राजमिस्त्री को प्रशिक्षण दिया जाएगा। फिलहाल राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षण देने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। बताया जा रहा है कि बदायूं जिले की 680 ग्राम पंचायतें चिह्नित की गई हैं।
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इन ग्राम पंचायतों से एक-एक राजमिस्त्री के प्रशिक्षण के लिए जिले से एसएलडब्ल्यूएम कंसलटेंट व कंसलटिंग इंजीनियर का मास्टर ट्रेनर के रूप में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन प्रदेश स्तर पर होगा। यह मास्टर ट्रेनर लक्षित ग्राम पंचायतों में जाकर तीन दिवसीय ऑनसाइट प्रशिक्षण देंगे। इसके लिए एक जगह चिह्नित कर ली जाएगी। वहीं 50 राजमिस्त्रियों को बुलाया जाएगा।
फिर वहां ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन संबंधित प्रकार जैसे एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र, कंपोस्ट पिट, नाडेप, वर्मी कंपोस्ट पिट, सामुदायिक सोक पिट, सामुदायिक लीच पिट और फिल्टर चैंबर आदि का निर्माण कराया जाएगा।

राजमिस्त्रियों को मिलेगा भोजन और चाय-नाश्ता
राजमिस्त्रियों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान उन्हें भोजन और चाय-नाश्ता के लिए ढाई सौ रुपये दिए जाएंगे। इसके साथ ही उनकी दैनिक मजदूरी चार सौ रुपये प्रतिदिन के हिसाब से दी जाएगी। इसके अलावा सौ रुपये प्रतिदिन के हिसाब से दिए जाएंगे।
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जिले में 680 ग्राम पंचायतें ओडीएफ प्लस मॉडल बनाई जाएंगीं। यहां निर्माण कराने के लिए राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसकी शुरुआत हो गई है। इस दौरान राजमिस्त्रियों को भोजन, चाय, नाश्ता और मजदूरी भी दी जाएगी।
- श्रेया मिश्रा, डीपीआरओ
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