बदायूं। यातायात पुलिस पिछले 15 दिनों से शहर के ऑटो पर एक नंबर डालने का काम कर रही है। फरमान जारी किया था कि एक अक्तूबर से शहर में सिर्फ एक नंबर लिखे हुए ऑटो ही चलेंगे। लेकिन, पहले ही दिन शहर में ई-रिक्शा से लेकर बगैर नंबर लिखे ऑटो बेतरतीब दौड़ते रहे। वहीं, चौराहों पर यातायात पुलिसकर्मी भी व्यवस्था बनाने के बजाय सिर्फ खड़े होकर देखते रहे।
यातायात पुलिस ने शहर में तीन हजार ऑटो को चिन्हित किया था। इनपर एक नंबर डाला जा रहा था। जिससे यातायात व्यवस्था के तहत अलग-अलग नंबर के ऑटो दूसरे मार्गों पर चलाए जाएं। बताया जा रहा है कि अभी एक हजार ऑटो पर ही एक नंबर दर्ज हो सका है। बाकी अभी बगैर नंबर के चल रहे हैं।
जबकि, यातायात पुलिस ने चेतावनी दी थी कि अगर एक अक्तूबर से बगैर नंबर लिखे ऑटो दिखे तो उनका दस हजार रुपये का चालान किया जाएगा। एक अक्तूबर को पहले दिन ही यातायात पुलिस का अभियान धड़ाम हो गया। यातायात पुलिस कर्मियों के सामने से बगैर नंबर लिखे ऑटो गुजरते रहे। इसके अलावा ई-रिक्शा के लिए कोई रूट निर्धारित नहीं किया गया।
यहां से होने थे ऑटो संचालित, शहर में लगाते रहे दौड़
उसावां, उसहैत और ककराला को आने जाने वाले टेंपो व ऑटो मंडी समिति से सवारियां लेकर जाते लेकिन वह पहले की तरह ही पुलिस लाइन चौराहे से सवारियां भरते नजर आए। वहीं बिल्सी, सहसवान, उझानी और कादरचौक जाने को लालपुल से सवारियां भरनी थीं, लेकिन आंबेडकर पार्क के पास टेंपो चालक भीड़ लगाए रहे। जबकि यहां यातायात के कर्मचारी ड्यूटी पर तैनात रहे। दातागंज की ओर जाने वाले टेंपो चालकों को दातागंज तिराहे से सवारियां भरनी थीं, लेकिन पुलिस लाइन से भरी गईं। बिसौली, बरेली, कुंवरगांव दिशा के लिए जाने वाले टेंपो चालकों को नवादा पुलिस चौकी से सवारियां भरनी थीं, लेकिन वह शहर के अंदर दौड़ लगाते रहे।
- अभी मात्र एक हजार टेंपो पर ही नंबर पड़ सके हैं। जब तक पूरे तीन हजार टेंपो पर नंबर नहीं पड़ जाते तब तक इन टेंपो को रोकना कठिन काम है। ऑटो चालकों को 15 दिन की मोहलत दी गई है। - आरएल राजपूत, यातायात निरीक्षक
आंबेडकर पार्क के पास ट्रैफिक पुलिसकर्मी के सामने सवारियां भरते टैंपो। संवाद