दातागंज। कोतवाली क्षेत्र के दियोरी गांव में ग्राम समाज की बनी नौ दुकानों को गिराने के लिए नोटिस जारी किया गया है। अगर खुद नहीं हटाया तो प्रशासन का बुलडोजर चलेगा। इस मामले में ग्राम प्रधान समेत आठ लोगों पर एफआईआर दर्ज है। लेखपाल निलंबित हो चुका है।
दियोरी गांव में सड़क किनारे नौ दुकानों का अवैध निर्माण कराया गया है। उनमें कुछ दुकानों पर लिंटर पड़ने से रह गया है। यह सभी दुकानें ग्राम सभा की जगह में बनाई गईं हैं। इस संबंध में 26 फरवरी 2024 को चंपा पत्नी द्वारिका प्रसाद ने ग्राम प्रधान समेत आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई था।
चंपा का कहना था कि उसके घर के सामने ग्राम सभा की जगह पड़ी है। उधर से उसके परिवार के लोगों का आना-जाना है, लेकिन उसके गांव के इल्यास, जावेद, सप्पू, सुआ, उदयवीर और लालाराम आदि ने ग्राम प्रधान इरेंद्र पाल और उसके पिता संतोष से सांठगांठ कर सरकारी जगह पर कब्जा कर लिया और वहां दुकानों का निर्माण करा दिया है, जिससे उसके घर का निकास तक बंद हो गया है। इसकी शिकायत पर तहसील प्रशासन ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी और मामले की छानबीन शुरू कर दी।
बताते हैं कि इस संबंध में तहसील प्रशासन ने लेखपाल से रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन उसने रिपोर्ट देने में खेल कर दिया। इसलिए उसे निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में दर्ज एफआईआर की पुलिस विवेचना कर रही है। वहीं दूसरी ओर एसडीएम के आदेश पर दुकानों का अवैध निर्माण कराने वालों के खिलाफ नोटिस भेजा गया है। उन्हें एक सप्ताह का समय दिया गया है। सभी से कहा गया है कि वह स्वयं ही दुकानें ढहा दें। अगर ऐसा नहीं किया तो वहां जेसीबी चलवाकर निर्माण ढहा दिया जाएगा। फिर जेसीबी चलवाने और मजदूरों का जो भी खर्चा आएगा वह भी संबंधित लोगों से ही वसूला जाएगा।
तहसील क्षेत्र के दियोरी गांव में सरकारी जगह में दुकानों का निर्माण कराया गया है। एफआईआर दर्ज है। सभी लोगों को नोटिस दिया गया है। अगर एक सप्ताह में दुकानें नहीं हटाते हैं तो जेसीबी चलवाकर दुकानें गिरा दी जाएंगी। - धर्मेंद्र कुमार सिंह, एसडीएम दातागंज
दातागंज के दियोरी गांव में किया गया अवैध दुकानों का निर्माण। संवाद