दातागंज। अरिल और रामगंगा नदी में उफान आने के बाद से क्षेत्र के करीब 16 गांवों का तहसील से संपर्क टूट गया है। दो दिन के बाद भी बुधवार को न तो गांव में राहत सामग्री पहुंच सकी न ही स्वास्थ्य विभाग का शिविर लग सका।
नदियों से आया पानी अब घरों तक पहुंच गया है। इससे अब घरों के गिरने का भी डर लोगों को सता रहा है। क्षेत्र के करीब 50 हजार लोग भूखे-प्यासे घरों में कैद रहे।
बाढ़ के कारण जमीन का कटान हो रहा है। फसल भी पूरी तरह नष्ट हो गई है। बाढ़ में फंसे लोगों को न तो राहत सामग्री मुहैया कराई गई है और न ही अधिकारी ही गांव तक पहुंच सके हैं। जलस्तर अधिक होने से नाव से सफर करने में भी लोगों को डर लग रहा है। प्रशासनिक अधिकारी राहत सामग्री वितरण करने की बात तो कह रहे हैं। लेकिन, हालात कुछ और ही हैं। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हालात यह है कि अकट समेत जरतोली, सकतपुर, सिमरिया, नवादा बदन, देवचरी, हर्रामपुर, शेरपुर, गढि़या पैगंबरपुर, मेढ़ा गांव में पानी भरा हुआ है। अकट के अमर सिंह और भूरे के मकान की दीवारें अचानक भरभराकर गिर गईं। इससे पानी घर के अंदर घुस गया। अब अन्य घरों से बाढ़ का पानी टकरा रहा है। ऐसे में उनको भी खतरा बना हुआ है।द
दातागंज क्षेत्र के गांव जरतौली के प्राथमिक विद्यालय में भरा बाढ़ का पानी। संवाद
दातागंज क्षेत्र के गांव जरतौली के प्राथमिक विद्यालय में भरा बाढ़ का पानी। संवाद
दातागंज क्षेत्र के गांव जरतौली के प्राथमिक विद्यालय में भरा बाढ़ का पानी। संवाद
दातागंज क्षेत्र के गांव जरतौली के प्राथमिक विद्यालय में भरा बाढ़ का पानी। संवाद
दातागंज क्षेत्र के गांव जरतौली के प्राथमिक विद्यालय में भरा बाढ़ का पानी। संवाद
दातागंज क्षेत्र के गांव जरतौली के प्राथमिक विद्यालय में भरा बाढ़ का पानी। संवाद