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Budaun News: 21 माह से बाल रोग विशेषज्ञ नहीं, मरीजों को कर रहे रेफर

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जिला अस्पताल। संवाद
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बदायूं। अगर आपका बच्चा बीमार है तो जिला अस्पताल के भरोसे न रहें, क्योंकि यहां 21 माह से बाल रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। अगर आप यहां बच्चे को लेकर पहुंचे तो उसे उपचार नहीं मिलेगा। मजबूरी में आपको निजी अस्पताल में जाकर इलाज कराना होगा।
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जिला अस्पताल में 24 डॉक्टर हैं, लेकिन बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। सीएमएस ने 21 माह में 16 बार स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र भेजकर बाल रोग विशेषज्ञ नियुक्त करने की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसा तब है जबकि यहां ओपीडी में रोजाना 50 से 60 गंभीर रूप से बीमार बच्चे आते हैं, जो चिकित्सक के अभाव में रेफर कर दिए जाते हैं। कई बार तो बिना रेेफर किए ही मरीज को लौटा दिया जाता है।ओपीडी में केवल सामान्य बुखार और जुखाम पीड़ित बच्चों को ही देखा जाता है।
दबतोरी से आए श्याम सिंह ने बताया कि दो साल के बच्चे आयुष को कई दिन से बुखार आ रहा था। बिसौली में दवा दिलाई। फायदा नहीं हुआ तो जिला अस्पताल लेकर आए हैं, लेकिन यहां बच्चों का कोई डॉक्टर ही नहीं है। मेडिकल कॉलेज ले जाने को कहा गया है। दातागंज क्षेत्र से आई मीरा देवी के बच्चे को गले में तकलीफ थी। वह पहुंचीं तो ओपीडी में डॉक्टर ने कह दिया कि यहां कोई विशेषज्ञ नहीं है। मेडिकल काॅलेज ले जाओ।
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बच्चों को सीएमएस देखते हैं लेकिन भर्ती नहीं कराते
सीएमएस डॉ. कप्तान सिंह बाल रोग विशेषज्ञ हैं, लेकिन वह प्रशासनिक ड्यूटी का हवाला देते हैं। ओपीडी में बच्चों को नहीं देखते। अगर कोई अभिभावक बच्चा लेकर उनके कक्ष में जाता है और उनके प्रशासनिक ड्यूटी से खाली होने का इंतजार करता है तो वह उसे देख लेते हैं, लेकिन बच्चे को भर्ती नहीं करते।



ज्वाइनिंग के बाद नहीं आए डॉ. मुश्ताक अली
जिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ के तौर पर शाहजहांपुर से डॉ. मुश्ताक अली ने सात जुलाई 2022 को यहां ज्वाइन किया था। इसके बाद छुट्टी पर चले गए थे, तब से नहीं लौटे हैं। अस्पताल की ओर से उन्हें सूचना भी भेजी गई थी। वहीं शाहजहांपुर जिला प्रशासन को भी बताया गया था, बावजूद वह ड्यूटी पर नहीं लौटे।



जिला अस्पताल में फिलहाल बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है। बच्चों के डॉक्टर को भेजने की मांग स्वास्थ्य महानिदेशक को 16 बार पत्र लिखकर की जा चुकी है। - डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल
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