कछला। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर बृहस्पतिवार सुबह गर्भवती महिला प्रसव पीड़ा के दौरान काफी देर तक कराहती रही। उसके पति ने परिसर में डॉक्टर से लेकर कर्मचारियों के कमरों के दरवाजे भी खटखटाए, लेकिन कोई भी उसे देखने निकल कर बाहर नहीं आया। उसने परिसर में ही टॉयलेट के पास बच्ची को जन्म दे दिया।
कस्बे के वार्ड नंबर एक निवासी दानवती (25) पत्नी धर्मवीर को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। धर्मवीर सुबह चार बजे उसे निजी वाहन से लेकर पीएचसी पहुंचा तो कोई भी कर्मचारी वहां नजर नहीं आया। इसके बाद उसने स्टॉफ नर्स को बुलाने के लिए उसके कमरे का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन कोई आवाज नहीं आने पर वह पत्नी के पास लौट आया। उसी दौरान दानवती टॉयलेट के लिए आगे बढ़ी तो वहीं प्रसव हो गया। उसने बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद धर्मवीर पत्नी को घर वापस ले गया। फिलहाल जच्चा-बच्चा की हालत सही बताई जा रही है।
गर्भवती दानवती प्रसव के लिए तड़के ई- रिक्शा से पति के साथ आई थी। उसे स्टाफ नर्स ने चिकित्सकीय सुविधा क्यों नहीं प्रदान की, इस बारे में जानकारी करेंगे। महिला और उसके पति ने उनसे कोई शिकायत भी नहीं की है। फिर भी ड्यूटी पर तैनात नर्स को तलब करेंगे। अगर वह दोषी निकलीं तो कार्रवाई भी की जाएगी। - महेश प्रताप सिंह, चिकित्सा अधीक्षक
कछला में न्यू पीएचसी है। वहां 24 घंटे डॉक्टर और स्टाफ की तैनाती नहीं है। विभाग के पास डॉक्टरों की कमी है। केवल सीएचसी स्तर पर 24 घंटे प्रसव की सुविधा है। जिले में लगभग सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर स्टाफ की कमी चल रही है। न्यू पीएचसी परिसर में प्रसव होने संबंधी मामला संज्ञान में नहीं है। प्रसव के इस तरह के मामलों में एंबुलेंस के जरिये मरीज को नजदीकी सीएचसी आना चाहिए। एंबुलेंस में भी प्रशिक्षित स्टाफ होता है। सभी केंद्रों पर चौबीस घंटे सुविधाएं मिलें इस दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। -डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ