बिसौली के धनूपुरा गांव में पेड़ काटते मजदूर, पास में खड़ा ठेकेदार। संवाद
बदायूं। जामुन के हरे भरे पेड़ों का कटान ठेकेदार द्वारा दूसरे दिन भी जारी रहा। सोमवार को इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था तो डीएफओ प्रदीप वर्मा ने जांच कर कार्रवाई करने की बात कही, लेकिन दूसरे भी कटान होने से क्षेत्र में इसकी व्यापक चर्चा है। लोगों का कहना है कि वन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से ही क्षेत्र में हरे पेड़ काटे जा रहे हैं।
तहसील बिसौली क्षेत्र के ब्लॉक क्षेत्र आसफपुर के गांव धनूपुरा में रेलवे लाइन के किनारे एक जामुन का बाग गांव के ही हनीफ का है। उसने बाग में खड़े पेड़ों को बिसौली के एक ठेकेदार को बेच दिए। अब कटवाने का काम एक रेंजर कर रहे हैं। रविवार को हरे पेड़ काटे जाने का वीडियो वायरल हुआ, लेकिन अधिकारियों ने इस पर कार्रवाई नहीं की। नतीजा यह रहा है कि ठेकेदार ने सोमवार को भी आठ हरे पेड़ जमीन पर गिरा दिए। मजे की बात यह है कि अनुमति का रविवार को आखिरी दिन था इसके बाद भी सोमवार को भी पेड़ काटे गए। दस पेड़ों की अनुमति विभाग ने दी, लेकिन अब तक 23 पेड़ ठेकेदार काट चुका है।
दस पेड़ों की अनुमति दी गई है। वही काटे जा रहे है। बिसौली के रेंजर को बता दिया गया है कि दस से अधिक पेड़ नहीं काटे जाएं। अनुमति के हिसाब से ही पेड़ काटे जा रहे हैं। -प्रदीप वर्मा, डीएफओ, बदायूं