सगराय गांव की इसी झाड़ियों में पड़ी मिली थी नवजात बालिका। संवाद
मुजरिया (बदायूं)। थाना क्षेत्र के सगराय गांव में एक नवजात बोरे में लपेटकर झाड़ियों में फेंक दी गई। कई घंटे तक वह बारिश में भीगती रही। शनिवार रात करीब 11:30 बजे जब ग्रामीणों ने रोने की आवाज सुनी तो वह उसे उठा लाए और एक महिला के पास ले गए। महिला ने उसे कपड़े में लपेटा, लेकिन कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। बाद में उसके शव को दफना दिए।
सगराय गांव के लोगों को शनिवार रात करीब आठ-नौ बजे से ही बच्ची के रोने की आवाजें आ रहीं थीं। कुछ लोगों का कहना है कि उस दौरान बारिश हो रही थी। लोग समझ रहे थे कि शायद कोई बिल्ली या उसका बच्चा होगा। इससे काफी समय तक लोग उसे नजरंदाज करते रहे, लेकिन रात 11 बजे रोने की आवाज तेज हुई तो लोग छाता लेकर मौके पर पहुंचे।
उन्होंने झाड़ियों में एक नवजात को देखा तो वह हैरान रह गए। वह एक बोरे में लिपटी हुई थी और बारिश में भीग रही थी। ग्रामीण उसे उठाकर नजदीकी मकान में सुनीता पत्नी रूम सिंह के यहां ले गए। सुनीता ने पोंछकर साफ किया। उसे साफ कपड़े में लपेटा, लेकिन कुछ समय बाद उसने दम ताेड़ दिया।
ग्रामीणों ने रात में ही मृत नवजातको दफन कर दिया। इंस्पेक्टर दिनेश कुमार शर्मा ने बताया था कि इसकी सूचना रविवार दोपहर मिली थी। पुलिस को मौके पर भेजा गया था, लेकिन तब तक ग्रामीण उसके शव को दफन कर चुके थे। अभी यह पता नहीं चला है कि किसने उसे झाड़ियों में फेंका था। पुलिस जांच कर रही है।