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Budaun News: नई मुसीबत... बारिश से बर्बाद गेहूं की कटाई की बढ़ गई मजदूरी

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07-बीडीएन-03-खेतों में खड़ी पकी गेहूं की फसल। संवाद
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- पहले 30 किलो प्रति बीघा गेहूं की कटाई कर रहे थे मजदूर, अब मांग रहे 50 किलो प्रति बीघा
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संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं/ दातागंज। जिले में पिछले दिनों तेज हवा के साथ कई बार हुई बारिश से गेहूं की काफी फसल गिर गई है। उसे काटने में किसानों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गेहूं की गिरी फसल काटने में मजदूरों को ज्यादा वक्त लगता है, लिहाजा उन्होंने मजदूरी बढ़ा दी है। पहले गेहूं की कटाई 30 किलो प्रति बीघा पर हो रही थी, लेकिन अब मजदूर 50 किलो गेहूं मांग रहे हैं।
जिले में 2,41,252 हेक्टेअर में गेहूं की फसल की गई है, लेकिन इस बार मौसम की मार ने किसानों को तबाह कर दिया है। पिछले दिनों तेज हवा के साथ कई बार हुई बारिश से गेहूं की फसल 30 फीसदी से ज्यादा बर्बाद हो गई है।हालांकि बारिश के बाद हर बार तेज धूप निकलने से किसानों को कुछ राहत जरूर मिली। खेतों में गिरा गेहूं सड़ा नहीं, पर अब उसकी कटाई को लेकर किसानों के सामने नई मुसीबत आ गई है। कंबाइन वाले खेतों में गिरी गेहूं की फसल को नहीं काट रहे हैं। मजदूरों ने कटाई की मजदूरी बढ़ा दी है। मजदूरी बढ़ने से किसानों को और भी घाटा हो रहा है।
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किसान बोले- ज्यादा मजदूरी पर भी नहीं मिल रहे मजदूर
तेज हवा और बरसात में हमारी गेहूं की फसल गिर गई है। अब कटाई के लिए श्रमिक तलाशने पर भी नहीं मिल रहे हैं। क्योंकि इस समय सभी जगह गेहूं की कटाई चल रही है। मजदूर पहले बगैर गिरा गेहूं काट रहे हैं। - सुनील गुप्ता, भटौली

श्रमिक न मिलने पर कंबाइन वाले से कटाई की बात की, लेकिन उसने भी मना कर दिया। अगर फिर बारिश हो गई तो खेतों में गिरी फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी। मजदूरों को उनकी शर्तों पर बुलाकर गेहूं कटवा रहे हैं। - परमानंद, भगवानपुर

फोटो-6
श्रमिकों ने मजदूरी बढ़ा दी है। पहले 30 किलोग्राम गेहूं प्रति बीघा पर लिया जाता था, लेकिन गेहूं भीगने और गिरने की वजह से श्रमिकों ने मजदूरी बढ़ाकर 50 किलोग्राम ग्राम प्रति बीघा कर दी है।- संजीव सक्सेना, फिरोजपुर

बारिश से पहले श्रमिकों से कटाई की बात हुई थी तब वे 30 किलो गेहूं प्रति बीघा पर कटाई के लिए राजी थे, लेकिन अब कोई इतने पर कटाने के लिए तैयार ही नहीं है। किसान पहले मौसम की मार से दुखी थे अब कटाई को लेकर परेशान हैं। -मोहन लाल शाक्य, सराय पस्तौर


बिजली लाइनों के ढीले तार भी बन रहे मुसीबत, 67 बीघा गेहूं जला



जिले में बिजली लाइनों के जर्जर तार भी किसानों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। तारों से निकली चिंगारी से आग लगने की घटनाएं होने लगी हैं। शुक्रवार को दातागंज और बिल्सी क्षेत्र में बिजली लाइन की चिंगारी से लगी आग से 67 बीघा गेहूं जलकर राख हो गया।



दातागंज। शुक्रवार को खुकड़ी और अमरोली गांव के नौ किसानों की 65 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। इसमें अमरोली गांव के तस्लीम की 10, कल्लू की 12, मामूनी की 10, कयूम खान की 12, कुकड़ी गांव के निसार की चार, रामकली की 12, राजवती की आठ और भगवान देवी की तीन बीघा गेहूं की फसल थी।



बिल्सी। पिंडौल के किसान अनेक सिंह प्रजापति के खेत में शुक्रवार दोपहर बिजली की हाईटेंशन लाइन के तारों से निकली चिंगारी से करीब दो बीघा फसल में आग लग गई। तेज हवा चलने के कारण कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। बिल्सी बिजली सबस्टेशन पर तैनात जेई दिनेश कुमार ने बताया कि पूर्व में ही किसानों से बिजली लाइनों के नीचे से फसल काटने की अपील की जा चुकी है।
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सिलहरी। मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव करौलिया में हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिरने से कई बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। शुक्रवार को दोपहर एक बजे हाईटेंशन लाइन टूटकर गिर गई। इससे गांव गेहूं की फसल में आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग से हरीशपाल, रक्षपाल, केशव, मुकेश, हरिओम, खेमकरन, नेकसिंह के खेत में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। गांव वाले दमकल विभाग को सूचना देते रहे, लेकिन काफी देर तक दमकल कर्मी गांव नहीं पहुंचे। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। संवाद

07-बीडीएन-03-खेतों में खड़ी पकी गेहूं की फसल। संवाद

07-बीडीएन-03-खेतों में खड़ी पकी गेहूं की फसल। संवाद

07-बीडीएन-03-खेतों में खड़ी पकी गेहूं की फसल। संवाद

07-बीडीएन-03-खेतों में खड़ी पकी गेहूं की फसल। संवाद

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