दातागंज। दातागंज में गल्ला मंडी के पास बरेली रोड पर संचालित पारस हॉस्पिटल को शनिवार को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सील कर दिया। बताया कि अस्पताल का पंजीकरण नहीं है और न ही डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ है, फिर यहां ऑपरेशन किए जाते हैं। अवैध अस्पताल के संचालक गिरीश यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
पिछले दिनों दातागंज, उझानी, सहसवान में भी अवैध अस्पताल सील किए जा चुके हैं। दातागंज में बरेली रोड पर मंडी के पास पारस हॉस्पिटल नाम से चल रहे अस्पताल के संबंध में शिकायत डीएम दीपा रंजन और सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय से की गई थी। अस्पताल संचालक गिरीश यादव को इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने सात दिन का नोटिस देकर पंजीकरण और स्टाफ संबंधी प्रपत्र उपलब्ध कराने को कहा था। पर, तय समय में स्वास्थ्य विभाग के समक्ष कागजात पेश नहीं किए गए।
शनिवार को डीआरओ महिपाल सिंह, डिप्टी सीएमओ डॉ. तहसीन, संक्रामक रोग नियंत्रण सेल प्रभारी डॉ. कौशल गुप्ता ने यहां छापा मारा। अस्पताल में एक महिला भर्ती थी। उसका इलाज चल रहा था। अस्पताल में कोई डॉक्टर या पैरामेडिकल स्टाफ नहीं था। अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर भी मिला। टीम ने अस्पताल को सील कर दिया। संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
पहले भवानी, फिर भावना अब पारस हॉस्पिटल
बिना पंजीकरण के यह एक ही अस्पताल नहीं है। दातागंज में कई और अस्पताल भी बिना पंजीकरण के चल रहे हैं। संचालक गिरीश यादव इससे पहले बदायूं रोड पर भवानी हॉस्पिटल के नाम से अस्पताल चलाता था। वहां बच्चे की मौत के बाद हंगामा हुआ तो अस्पताल बंद कर दिया। कुछ दिन के बाद भावना हॉस्पिटल के नाम से अस्पताल खोल दिया। वहां इलाज के दौरान महिला की मौत हुई तो अस्पताल बंद कर दिया। अब उसने बरेली रोड पर मंडी के पास पारस हॉस्पिटल के नाम से अस्पताल खोल लिया था।
दातागंज में बिना पंजीकरण के चल रहे अवैध अस्पताल को सील करने के साथ अस्पताल संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस जांच के साथ मामले में विभागीय जांच भी की जा रही है। अवैध अस्पतालों पर लगातार छापे मारे जा रहे हैं। - डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ