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नारकोटिक्स ब्यूरो का कई स्थानों पर छापा, प्रतिबंधित दवाएं और हेरोइन बरामद

सार

दातागंज के गांव भगवानपुर में कार्रवाई के दौरान टीम ने 2.50 किलो एल्प्राजोलम टैबलेट और 100 ग्राम हेरोइन बरामद की। मेडिकल स्टोर संचालक बिना डॉक्टर के पर्चे के भी प्रतिबंधित दवाओं और कोडीन फास्फेट युक्त खांसी के सिरप की बिक्री कर रहे हैं। ऐसे में जिले में नशे का कारोबार लगातार फल-फूल रहा है।उप आयुक्त नारकोटिक्स लखनऊ द्वारा चलाये जा रहे अभियान के तहत बदायूं में कई स्थानों पर प्रतिबंधित दवाओं और मादक पदार्थों की बिक्री रोकने को छापा मारा गया।
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विस्तार
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बदायूं। उप आयुक्त नारकोटिक्स लखनऊ की ओर से चलाये जा रहे नशाविरोध अभियान के तहत जिले में कई स्थानों पर लखनऊ और बरेली की केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की टीम ने कई स्थानों पर छापा मारा। दातागंज के गांव भगवानपुर में कार्रवाई के दौरान टीम ने 2.50 किलो एल्प्राजोलम टैबलेट और 100 ग्राम हेरोइन बरामद की। एक व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया गया है। नशे के कारोबार में लिप्त दो महिलाएं और दो पुरुष भाग निकले।
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जिले में बड़े स्तर पर नशे का कारोबार हो रहा है। मेडिकल स्टोर संचालक बिना डॉक्टर के पर्चे के भी प्रतिबंधित दवाओं और कोडीन फास्फेट युक्त खांसी के सिरप की बिक्री कर रहे हैं। नशे का यह धंधा मुख्यालय से लेकर गांव-देहात तक पहुंच गया है। मेडिकल स्टोर संचालक नशीली दवाओं की खरीद-फरोख्त का रिकॉर्ड भी नहीं रखते। पिछले दिनों अमर उजाला ने नशीली दवाओं की बिक्री की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने इसका संज्ञान लेकर जिले में अब छापा मारा। गोपनीय सूचना के आधार पर दातागंज के भगवानपुर में छापे के दौरान 2.50 किलो एल्प्राजोलम टैबलेट और 100 ग्राम हेरोइन के साथ थम्मन लाल को गिरफ्तार किया है। नशे के कारोबार में शामिल वीरेंद्र, सतीश, शांति देवी और रेशमा देवी भाग निकले। इन सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में नारकोटिक्स ब्यूरो ने एफआईआर दर्ज की है। जिला अस्पताल के एनेस्थेटिक डॉ. अमित वार्ष्णेय का कहना है कि इन दवाओं का प्रयोग हालांकि नींद न आने और एंग्जाइटी में किया जाता है, लेकिन डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बिना इनकी बिक्री प्रतिबंधित है। कुछ लोग इनका प्रयोग नशे के लिए भी कर लेते हैं।
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विभाग की ढिलाई से फलफूल रहा नशे का कारोबार
दवाओं को नशे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। कोडीन फास्फेट युक्त खांसी के सिरप का नशे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। मेडिकल स्टोरों के अलावा गांव-देहात में ड्रामाडोज, डायजीपॉम, एल्प्रेक्स, एल्प्राजोलम जैसी दवाओं की बिक्री हो रही है। दरअसल, औषधि निरीक्षक विनय कुमार का पिछले महीनों नवनीत कुमार का बदायूं से तबादला हो गया था। इससे बाद बरेली के औषधि निरीक्षक विवेक कुमार को बदायूं का चार्ज भी दे दिया गया। दो जिलों का चार्ज होने के कारण वह कभी-कभी ही बदायूं आते हैं। ऐसे में जिले में नशे का कारोबार लगातार फल-फूल रहा है।
उप आयुक्त नारकोटिक्स लखनऊ द्वारा चलाये जा रहे अभियान के तहत बदायूं में कई स्थानों पर प्रतिबंधित दवाओं और मादक पदार्थों की बिक्री रोकने को छापा मारा गया। इस दौरान दातागंज के गांव भगवानपुर में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पांच लोगों को नामजद करते हुए नारकोटिक्स ब्यूरो ने रिपोर्ट दर्ज की है। नामजद चार लोगों की तलाश की जा रही है। -लालराम दिनकर, अधीक्षक, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो, बरेली डिवीजन
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