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Budaun News: सवा लाख में बेचा नवजात बेटा, रुपये कम मिले तो अपहरण का मचाया शोर

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बदायूं। फैजगंज बेहटा इलाके में एक दंपती ने नवजात बेटे को सवा लाख रुपये में बेच दिया। उनके खाते में एक लाख रुपये भी ट्रांसफर हो गए। इसमें से कुछ रकम उन्होंने खर्च भी कर दी। जब उन्हें पता चला कि कुछ रुपये दलाल ने हड़प लिए हैं तो शनिवार को थाने जाकर बच्चे के अपहरण की तहरीर पुलिस को दे दी। पुलिस ने दलालों को पकड़ लिया है। बच्चा बरामद करने के लिए एक टीम मुरादाबाद गई है। आसफपुर स्वास्थ्य केंद्र में फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के गांव नहडौली निवासी सीमा पत्नी नरेश ने 26 जनवरी को एक बेटे को जन्म दिया था। सीमा का यह छठा बेटा था। एसओ सिद्धांत शर्मा के मुताबिक 27 जनवरी को महिला की स्वास्थ्य केंद्र से छुट्टी हुई। इस दौरान दंपती ने मुरादाबाद के पाकबड़ा निवासी एक दंपती को नवजात बेटा सवा लाख रुपये में बेच दिया।
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उनके खाते में एक लाख रुपये भी आ गए। दंपती बच्चे को देकर अपने घर लौट आया लेकिन उन्हें शेष 25 हजार रुपये नहीं मिले थे।
शनिवार सुबह दंपती को पता चला कि जिन लोगों ने बच्चे का सौदा कराया था, उन्होंने खरीदार से ढाई लाख रुपये लिए थे लेकिन उन्हें केवल एक लाख रुपये दिए गए। इस पर दंपती शनिवार दोपहर फैजगंज बेहटा थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया कि वह गांव से आसफपुर जा रहे थे।
रास्ते में उन्हें नशीला पदार्थ सुंघाकर नवजात बच्चे का अपहरण कर लिया गया। जब पुलिस ने जांच की तो पूरा मामला बच्चा बेचने का निकला। दंपती ने भी स्वीकार किया है कि उन्होंने ही बच्चे को दिया था लेकिन सौदा कराने वाले बीच में रुपये हड़प गए।
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पुलिस ने दलालों को पकड़ लिया है। एसओ सिद्धांत शर्मा ने बताया कि दंपती ने सवा लाख रुपये में बच्चे का सौदा किया था। कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है। बच्चा बरामद करने के लिए पुलिस मुरादाबाद भेजी गई है।

स्वास्थ्य केंद्र में ही हो गया था नवजात का सौदा
ई-रिक्शा चालक ने कराई थी खरीदारों से बात
संवाद न्यूज एजेंसी
आसफपुर (बदायूं)। नहडौली के दंपती ने जिस दंपती को अपना बेटा बेचा था, उसका सौदा स्वास्थ्य केंद्र में ही हो गया था। दरअसल दंपती के पांच बेटे पहले से मौजूद थे। दलालों ने आज के दौर में महंगाई का हवाला देते हुए उन्हें रुपयों का लालच दिया था। इससे दंपती भी बेटे को बेचने के लिए तैयार हो गया।
गांव नहडौली निवासी नरेश खेतीबाड़ी करते हैं। उसके पास ज्यादा जमीन नहीं है। परिवार का पालन-पोषण करने के लिए वह मजदूरी भी करते हैं। पुलिस के मुताबिक 26 जनवरी को जब सीमा ने बेटे को जन्म दिया था तो इसकी सूचना पर नहडौली के दो और रामपुर जिले का एक व्यक्ति स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे। जहां उन्होंने दंपती को रुपयों का लालच दिया। उन्हें महंगाई का हवाला दिया गया।
दंपती को बताया कि वह अपना बच्चा मुरादाबाद के दंपती को दे दें। इसके बदले सवा लाख रुपये मिलेंगे लेकिन दलालों ने मुरादाबाद के दंपती से ढाई लाख रुपये में सौदा कर लिया था।
नरेश और उसकी पत्नी से सवा लाख रुपये में बात तय हो गई थी। जब दंपती ई-रिक्शा में सवार होकर स्वास्थ्य केंद्र से लौट रहे थे। तभी मुरादाबाद निवासी दंपती बोलेरो से आए और रास्ते से बच्चे को ले गए। बाद में उनके खाते में एक लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए गए।

सीमा बोली- दलालों ने ही किया था सौदा
सीमा ने पुलिस को बताया कि वह अपना बेटा देखना चाहती थी लेकिन दलाल कह रहे थे कि अब उसे बेटा देखने को नहीं मिलेगा। उसने कहा कि बच्चे का सौदा दलालों ने ही किया था। रुपये उसके हाथ में नहीं आए। हालांकि उन्होंने खाते में रुपये डाल दिए थे। कुछ रुपये दलाल खा गए।
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