उझानी। मेरे राम सेवा आश्रम पर चल रही श्रीराम कथा का बृहस्पतिवार शाम समापन हो गया। सामाजिक संत रवि समदर्शी महाराज ने प्रभु राम के विचारों को जीवन में उतारकर समाज का कल्याण करने की सलाह दी।
कथा के अंतिम दिन संत रवि समदर्शी महाराज ने कहा कि प्रभु श्रीराम हम सबके हैं। श्रीराम ने अपने अवतार के दौरान मर्यादित आचरण से प्रजा का कल्याण किया। वन में संतों को जब राक्षसों ने परेशान किया तो राम ने ही उनका संहार किया। लंका में रावण का अंत कर जब वह अयोध्या लौटे तो हर घर में खुशियां लौट आई थी। कथावाचक संत ने लोगों को अच्छे विचार और संयमित आचरण करने की सलाह दी। कहा कि समाज को नई दिशा प्रदान करने के लिए एक दूसरे के प्रति अच्छा व्यवहार करना होगा। उन्होंने रामायण की चौपाइयां भी सुनाईं। कथा प्रेमियों ने व्यास गद्दी का पूजन किया। संवाद