पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव का बदायूं से करीबी रिश्ता रहा है। सपा सरकार में ही राजकीय मेडिकल कॉलेज, बाईपास और ओवरब्रिज बनाने की घोषणा की गई थी। राजकीय मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास स्वयं मुलायम सिंह यादव और उनके बेटे अखिलेश यादव ने किया था। उनके यहां आने का कोई कार्यक्रम नहीं था, लेकिन जब अखिलेश के साथ वे यहां आए तो हर तरफ उनके जिंदाबाद के नारे गूंज उठे। हर कोई यही कह रहा था...नेताजी आए हैं।
राजकीय मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास 20 दिसंबर 2013 को हुआ था। उस दिन केवल तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आने वाले थे। बदायूं में जोरों की तैयारियां चल रहीं थीं। स्थानीय नेता और नजदीकी जिलों के तमाम सपा नेता राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। मंच सज चुका था। सभी लोग अखिलेश यादव के आने का इंतजार कर रहे थे।
तभी अचानक सूचना मिली कि मुलायम सिंह यादव भी कार्यक्रम में पहुंच रहे हैं। इससे अचानक शिलान्यास कार्यक्रम में भीड़ बढ़ना शुरू हो गई। लोगों ने पहुंचना शुरू कर दिया। कुर्सियों पर बैठने की जगह तक नहीं बची। जब उन्होंने मंच पर बोलना शुरू किया था कि भीड़ गदगद हो गई थी। नेताजी जिंदाबाद के नारे गूंजने लगे थे। उन्होंने मंच से कहा था कि राजकीय मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था चाक चौबंद रहेंगी।
उन्होंने कहा था कि अब लोगों को कहीं बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने तेजी से धनराशि जारी कराने की बात करते हुए कहा था कि वह एक साल बाद इसके उद्घाटन समारोह में फिर आएंगे लेकिन सत्ता परिवर्तन होने के कारण उन्हें आने का मौका नहीं मिला। उस बार मुलायम सिंह आखिरी बार बदायूं आए थे।