चैत्र नवरात्र के छठे दिन सप्तम देवी मां कालरात्रि की पूजा अर्चना की गई। पूजा का थाल हाथ में लिए महिलाओं ने मां के दरबार में जाकर माथा टेका। सप्तम दिवस होने के कारण अधिकांश लोग उपवास पर भी रहे। अष्टमी पर शुक्रवार को कन्याएं खिलाई जाएंगी। बृहस्पतिवार को घंटे घड़ियालों के साथ मां की आराधना की गई। सैकड़ों भक्तों ने नगला शक्ति पीठ मंदिर में जाकर मां कालरात्रि के स्वरूप के पूजा की। सूर्योदय से ही एकाएक भक्तों की लंबी लाइन नजर आने लगी। घरों में भी देशी घी का दीप जलाकर मां की आराधना की गई। इसके अलावा हर प्रसाद मंदिर, गौरीशंकर मंदिर में भी भक्तों ने माथा टेका। मंदिरों में मां का शृंगार भी किया गया।