05बीडीएन22-मृतक जावित्री देवी का फाइल फोटो। संवाद
उसावां। थाना क्षेत्र के गांव निरंजन नगला में बंदरों के हमले में बेटे की मौत का सदमा उसकी मां बर्दाश्त नहीं कर पाई और शुक्रवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। चार दिन में दो मौतों से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
चार दिन पहले गांव निरंजन नगला में 45 वर्षीय देशराज शाक्य पर बंदरों ने हमला बोल दिया। इससे वह छत से नीचे गिर गए और उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद उनकी मां जावित्री देवी ने खाना-पीना छोड़ दिया। परिजनों के अनुसार, वह सदमे से बाहर नहीं आ पा रही थीं। उनके बड़े बेटे पूर्व प्रधान हरीशंकर शाक्य ने मां को खाना खिलाने की काफी कोशिश की मगर, वह किसी से बात नहीं कर रही थीं।
शुक्रवार की सुबह चार बजे जावित्री देवी की मौत हो गई। उनकी मौत के बाद परिजनों में चीख-पुकार मची तो आसपास के लोग पहुंच गए। परिजनों ने गांव में ही उनकी अंत्येष्टि कर दी। हरिशंकर का कहना था कि भाई की मौत का गम भुला नहीं पाए थे कि अब मां भी उनको छोड़कर चली गईं।
05बीडीएन22-मृतक जावित्री देवी का फाइल फोटो। संवाद