बदायूं। छेड़छाड़ के आठ साल पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट तृतीय सौरभ सक्सेना ने दोषी को चार साल के कारावास की सजा सुनाई है। मुजरिम पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी डाला गया है।
उसहैत थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने थाना पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उसकी छह वर्ष की बेटी को गांव का ही नन्हें एक अगस्त 2015 को जबरन मुंह पर कपड़ा बांधकर गलत नीयत से अपने साथ पास के ही खाली घर में ले गया। पीड़िता के चीखने की आवाज पर मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंच गए जिन्हें देख आरोपी मौके से फरार हो गया। पिता की तहरीर पर मारपीट व छेड़छाड़ करने की धारा में रिपोर्ट दो अगस्त 2015 को दर्ज कराई गई। विवेचना उपनिरीक्षक अमर सिंह यादव को सौंपी गई थी। विवेचक ने घटना से संबंधित सभी साक्ष्यों को एकत्र कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। तब से मामला कोर्ट में विचाराधीन था।ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत इसे चिह्नित किया गया। कोर्ट ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर अभियोजन पक्ष से विशेष लोक अभियोजक प्रदीप भारती व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। इसके बाद मंगलवार को कोर्ट ने नन्हें को चार साल की सजा सुनाई।
मृतक छात्र आलेख।
मृतक छात्र आलेख।