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मिनी कुंभ: चेतावनी के निशान के ऊपर है गंगा, मेला स्थल से दूर बनेगा स्नान घाट

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ककोड़ा गंगा तट पर स्नान घाट बनाने को की जा रही तैयारी। संवाद - फोटो : BADAUN
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कादरचौक/बदायूं। रुहेलखंड के मिनी कुंभ मेला ककोड़ा आने वाले श्रद्धालुओं को इस बार गंगाघाट तक पहुंचने के लिए अधिक दूरी तय करनी होगी। मेलास्थल पर इस बार मुख्य स्नान घाट नहीं होगा। यहां से एक किमी पूरब और एक किमी पश्चिम में स्नानघाट बनाए जाएंगे। मेलास्थल के पास इस बार गंगा की गहराई काफी है और नदी का जलस्तर चेतावनी के निशान से ऊपर हैं।
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डीएम दीपा रंजन बृहस्पतिवार को मेलास्थल पहुंचीं। उन्होंने अधिकारियों के साथ तैयारियों का जायजा लिया और मोटरवोट से गंगा का निरीक्षण किया। मेलास्थल के आसपास गंगा किनारे ऐसी जगह नहीं मिली, जहां स्नानघाट बनाया जा सके। कई स्थानों पर नदी की गहराई 30 फुट तक है। मेलास्थल से एक किमी पूरब और एक किमी पश्चिम में कुछ कम गहराई पाई गई। यहां स्नानघाट बनाने के निर्देश डीएम ने दिए। मुख्यघाट के पास गहराई अधिक होने के कारण बेरीकेडिंग करके पुलिस तैनात करने के निर्देश दिए।
डीएम ने सभी स्थानों पर बेहतर पथप्रकाश व्यवस्था और गंगा घाटों पर हाईमास्ट लाइट लगाने के निर्देश भी दिए। मुख्य स्नान घाट पर गहराई अधिक होने के कारण डीएम ने वैकल्पिक मार्ग पर रूट डायवर्जन करने को कहा। इस दौरान एडीएम प्रशासन विजय कुमार सिंह, एसपी देहात सिद्धार्थ वर्मा, एसडीएम सदर सुखलाल प्रसाद वर्मा, एएमए जिला पंचायत मनोज कुमार सिंह आदि रहे।
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गंगा में छोड़ा जा रहा 20-25 हजार क्यूसेक पानी
बदायूं। इन दिनों गंगा में नरौरा बैराज से लगातार 20 से 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। कछला में मीटर गेज पर चेतावनी का निशान 161 और खतरे का निशान 162 मीटर पर है। सहायक अभियंता बाढ़ खंड नेशपाल सिंह के मुताबिक बृहस्पतिवार को मीटर गेज पर गंगा का जलस्तर 161.24 दर्ज किया गया। यह चेतावनी के निशान से 24 सेमी नीचे है। अगले 15 दिन तक नरौरा से वाटर डिस्चार्ज कम होने का अनुमान नहीं है। दरअसल, इन दिनों नहरों की सफाई चल रही है। ऐसे में पूरा पानी गंगा में आ रहा है।
एक कंपनी अतिरिक्त पीएसी, एक प्लाटून फ्लड पीएसी
अब तक मेले में दो कंपनी पीएसी की तैनाती होती थी। इस बार तीन कंपनी पीएसी रहेगी। एक कंपनी पीएसी में एक इंस्पेक्टर, दो सब इंस्पेक्टर, 22 हेड कांस्टेबल और 97 कांस्टेबल होते हैं। साथ ही एक प्लाटून फ्लड पीएसी की भी तैनाती की गई है। एक प्लाटून पीएसी के 24 जवान मय मोटर वोट के 24 घंटे गंगा में गश्त करते रहेंगे।
देव दिवाली और चंद्रग्रहण, अधिक रहेगी स्नानार्थियों की संख्या
कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही मुख्य गंगा स्नान है। इस बार कार्तिक पूर्णिमा आठ नवंबर को ही देव दिवाली के साथ साल का अंतिम चंद्रग्रहण भी पड़ रहा है। संत मधुसूदनाचार्य ने बताया कि सनातन धर्म में मान्यता है कि चंद्र या सूर्यग्रहण के बाद गंगास्नान करने का बहुत बड़ा महत्व है। ऐसे में कार्तिक पूर्णिमा के दिन मेला में ज्यादा संख्या में स्नानार्थियों के पहुंचने का अनुमान है।
देवोत्थान एकादशी का गंगा स्नान आज
शुक्रवार को देवोत्थान एकादशी का गंगा स्नान होगा। ककोड़ा मेला में अब तक स्नान घाट तैयार नहीं हो सके हैं, लिहाजा कछला घाट पर ही स्नान होगा। गंगास्नान के बाद देवोत्थान एकादशी पर खिचड़ी का दान दिया जाता है। संत मधुसूदनाचार्य के अनुसार देवोत्थान एकादशी, देव प्रबोधिनी एकादशी और डिठवन एकादशी के नाम भी जाना जाता है। इस बार ये एकादशी चार नवंबर की है। देवोत्थान एकादशी पर भगवान विष्णु चार माह की निद्रा के बाद जागते हैं।

अधिकारियों के साथ गंगा का मोटर वोट से जायजा लेतीं डीएम दीपा रंजन। संवाद- फोटो : BADAUN

ककोड़ा मेला में गंगा तट पर बस रहा तंबुओं का शहर। संवाद- फोटो : BADAUN

मेला ककोड़ा के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को दिशा निर्देश देतीं डीएम दीपा रंजन। संवाद- फोटो : BADAUN

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