बदायूं। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए मध्याह्न भोजन दिया जाता है। भोजन वितरण से पहले प्रधानाध्यापक, स्टाफ व रसोइयों की ओर से गुणवत्ता की दृष्टि से उसको परखा जाएगा। साथ ही पके-पकाए भोजन का सैंपल स्कूल बंद होने तक सुरक्षित रखा जाएगा।
जिले के 2155 स्कूलों के कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं के लिए दोपहर में खाना उपलब्ध कराने के लिए मध्याह्न भोजन योजना चलाई जा रही है। आए दिन मिड-डे मील की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठते रहते हैं। सवालों के बीच अब विभाग ने आपात स्थिति से निपटने की योजना तैयार की है।
नवागत बीएसए ने कहा है कि मिड-डे मील सामग्री की गुणवत्ता के लिए यह कदम उठाया गया है। इसके साथ ही हर स्कूल में रजिस्टर तैयार किया जाए। इसमें डीएम, एसडीएम, एसपी, सीएमओ, बीएसए, बीडीओ, बीईओ, प्रभारी चिकित्साधिकारी, अग्निशमन अधिकारी, स्थानीय थानाध्यक्ष के कार्यालय व मोबाइल का नंबर रहेगा।
यही नहीं स्कूल के आसपास प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर का नाम व मोबाइल नंबर भी दर्ज किया जाएगा। जिसे किसी आपात स्थिति में तुरंत बुलाया जा सके।