हर बुधवार को बेसिक स्कूलों में बच्चों को दूध पिलाया जाता है। जुलाई माह से शुरू हुई यह योजना पूरी तरह फ्लाप ही साबित हो रही है। सरकारी आंकड़े भले ही कुछ और बयां करते हों, लेकिन हकीकत उसके उलट ही है। अधिकांश स्कूलों में बच्चों को दूध नहीं पिलाया जा रहा है। बीते दिन बुधवार को डीसी एमडीएम हिना खां ने आसफपुर ब्लाक के गांव कुआडांडा प्राथमिक स्कूल पर छापा मारा। पाया कि दो किलो दूध 58 बच्चों को दिया गया है। मेन्यू के अनुसार कोफ्ता-चावल बनने के स्थान पर बच्चों को खिचड़ी खिलाई जा रही थी। डीसी ने बताया कि उन्होंने कई बच्चों से बात भी की। सभी ने बताया कि उन्हें निर्धारित मात्रा में दूध नहीं दिया गया।
इस मामले में प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई के लिए बीएसए को पूरी रिपोर्ट दी गई है।