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इमदाद और चंदे दम पर चल रहे 15 मदरसे, 12 बिंदुओं पर हो रही जांच

सार

गैर मान्यता प्राप्त ज्यादातर मदरसे आर्थिक सहायता और चंदे के दम पर चल रहे हैं।मानक पूरे न करने वाले मदरसों की भी सूची बनाई जा रही है।शासन स्तर से मदरसों का 12 बिंदुओं पर सर्वे कराया जा रहा है।इनमें बड़ी संख्या में ऐसे मदरसे हैं, जो मान्यता की शर्तों को पूरा नहीं कर रहे हैं।
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विस्तार
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बदायूं। गैर मान्यता प्राप्त ज्यादातर मदरसे आर्थिक सहायता और चंदे के दम पर चल रहे हैं। अब तक ऐसे 15 मदरसों को चिह्नित किया जा चुका है। बड़ी संख्या में ऐसे मदरसे भी हैं, जो मान्यता प्राप्त तो हैं, लेकिन मानकों को पूरा नहीं कर रहे। मानक पूरे न करने वाले मदरसों की भी सूची बनाई जा रही है।
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शासन स्तर से मदरसों का 12 बिंदुओं पर सर्वे कराया जा रहा है। जिले में मान्यता प्राप्त 214 मदरसे हैं। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे मदरसे हैं, जो मान्यता की शर्तों को पूरा नहीं कर रहे हैं। शहर में दो ऐसे मदरसे हैं, जो अनुदानित हैं। गैर मान्यता प्राप्त मदरसों की बात करें तो अब तक ऐसे करीब 90 मदरसों को चिह्नित किया जा चुका है। इन मदरसों में 15 मदरसों के आय के स्रोतों समेत अन्य बिंदुओं पर जांच पूरी हो गई है। सबसे ज्यादा 30 मदरसे ककराला कस्बा में और 26 सहसवान में हैं। जिन 15 मदरसों को लेकर 12 बिंदुओं पर जांच पूरी हुई है, उनकी आय का स्रोत चंदा और आर्थिक सहायता बताया गया है। इनमें कई मदरसे किराये के भवनों में भी चल रहे हैं।
मदरसों का सर्वे 15 अक्तूबर तक पूरा होना है। इसके बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जानी है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मानक पूरे न करने वाले मान्यता प्राप्त मदरसों की सूची बनानी शुरू कर दी है। कई ऐसे मदरसे हैं, जिनकी हाईस्कूल तक की मान्यता है। इनमें छात्र-छात्राओं की संख्या को काफी बढ़ाकर दिखाया गया है, जबकि दीनी तालीम लेने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या चार-छह ही है।
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मदरसों को लेकर सर्वे चल रहा है। अब तक गैर मान्यता प्राप्त 15 मदरसों का 12 बिंदुओं पर सर्वे हो गया है। यह मदरसे चंदा और आर्थिक सहायता के सहारे चल रहे हैं। मान्यता की शर्तों को पूरा न करने वाले मान्यता प्राप्त मदरसों की सूची भी बनाई जा रही है। सर्वे पूरा होने के बाद ही इस संबंध में ज्यादा जानकारी दे सकूंगा। -रुहेल आलम, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
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