एमडीएम कोऑर्डिनेटर हिना खान ने बताया कि उन्हें औचक निरीक्षण के दौरान सबसे बुरी स्थिति एडेड स्कूल बाबू सिंह जूनियर हाईस्कूल की मिली। इस स्कूल में भरपूर खाद्य सामग्री होते हुए भी बच्चों को बेहद खराब और खुले तेल मसालों से बना खाना दिया गया। स्कूल में 104 बच्चे उपस्थित थे, जिनको मानक के अनुसार 100 ग्राम प्रत्येक बच्चे से दस किलो चार सौ ग्राम चावल बनने चाहिए थे, लेकिन विद्यालय में पांच किलो चावल बनाए जा रहे थे, जो मीनू के अनुसार भी गलत थे। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय, देवरमई में एमडीएम बनता नहीं मिला। प्राथमिक विद्यालय, कलुआढेर में बना खाना मेन्यू के विपरीत था। वितरोई के प्राथमिक विद्यालय में खुले तेल मसालों से भोजन तैयार हो रहा था। विद्यालय में कोई भी रजिस्टर उपलब्ध नहीं था। प्राथमिक विद्यालय खजुरार और प्राथमिक विद्यालय पलिया पुख्ता में भी मीनू के अनुसार खाना नहीं बनता पाया गया। राधेलाल इंटर कॉलेज में भरपूर अनाज होते हुए भी मौजूद बच्चों की संख्या से कम मात्रा में भोजन तैयार किया जा रहा था। डीसी ने बताया कि निरीक्षण में पाई गई खामियों की रिपोर्ट तैयार कर बीएसए को सौंप दी गई है।