जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों की लाइन। संवाद
बदायूं। जिले में साल दर साल मलेरिया बढ़ा है। इसे रोकने में विभाग हर साल नाकाम साबित हो रहा है। हालत यह है कि अभी तक मलेरिया से लोगों को छुटकारा नहीं मिला है। प्रत्येक दिन जिले में स्वास्थ्य शिविरों में 50 से 70 मरीज मलेरिया के मिल रहे हैं। इस साल भी अब तक 2657 लोग मलेरिया संक्रमित पाए गए हैं।
पिछले तीन सालों के आंकड़ाें की बात करें तो हर साल इसका ग्राफ बढ़ता जा रहा है। वर्ष 2022 में विभाग की तरफ 270377 लोगों की सैंपलिंग कराई गई थी। इसमें 1373 लोग मलेरिया संक्रमित पाए गए थे। जबकि वर्ष 2023 में 372684 लोगों की सैंपलिंग कराई गई और 3224 लोगों को मलेरिया होने की पुष्टि हुई थी। इस बार भी मलेरिया पिछले रिकार्ड को तोड़ता हुआ नजर आ रहा है। अब तक जिले में 2657 लोग मलेरिया से पीड़ित पाए गए हैं। प्रत्येक साल मलेरिया बढ़ने के बाद भी इसके रोकथाम के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
मंगलवार को मिला था एक और डेंगू संक्रमित
मलेरिया से अभी तक लोगों को छुटकारा नहीं मिला था कि अब इक्का दुक्का डेंगू के मरीज भी सामने आने लगे हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल में जांच के दौरान जिले के गांव भाऊ नगला के एक व्यक्ति को डेंगू होने की पुष्टि हुई है। हालांकि अभी तक सरकारी आंकड़े के अनुसार जिले में 11 डेंगू संक्रमित पाए गए हैं।
अब तक 17 लोगों की बुखार से हो चुकी मौत
दातागंज क्षेत्र के गांव गलौथी में मलेरिया संक्रमित महिला ज्ञान देवी की 16 अगस्त को बुखार से मौत हो गई थी। इसी गांव में रहने वाले पहलवान की 15, सुंदर लाल की 18 और ब्रजनंदन ने 19 अगस्त को बुखार के चलते दम तोड़ दिया था। बिनावर क्षेत्र के गांव भगवानपुर में पांच सितंबर को परी, सिविल लाइन थाना क्षेत्र के गांव लखनपुर में 10 सितंबर को जितेंद्र की बुखार की चपेट में आकर जान चली गई थी। इसी तरह जिले में कुछ 17 लोगों ने बुखार से दम तोड़ दिया है।
वर्जन-
जिले में मलेरिया व डेंगू की रोकथाम के लिए रोजाना गांवों में शिविर लगाकर चेकअप कर दवाएं बांटी जा रही हैं। लोगों को सलाह दी जा रही हैं कि सरकारी अस्पताल से दवाएं लें साथ ही घर के आसपास सफाई रखें। - रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ