उझानी। जैन समाज के दशलक्षण धर्म पूजा के बाद भगवान महावीर स्वामी की शोभायात्रा धूमधाम से निकाली गई। मुख्य बाजार में सजातीय लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत किया।
जैन धर्म के दशलक्षण पर्व के दसों धर्म- उत्तम क्षमा, मार्दव, आर्जव, शौंच, सत्य, संयम, तप, त्याग, अकिंचन और ब्रह्मचर्य की पूजा अर्चना पंचमी तिथि से अनंत चतुर्दशी तक चली। मथुरा से पहुंचे पुजारियों ने पूजन कराया। इस दौरान प्रत्येक दिन मंदिर परिसर में प्रतियोगिताएं भी हुईं। कलश घुमाओ प्रतियोगिता में मोनिका जैन प्रथम, कामिनी जैन द्वितीय और चिराग ने तृतीय स्थान पाया।
अंताक्षरी प्रतियोगिता में तृप्ति जैन की महावीर टीम जीती। खुल जा सिम सिम में रूपा जैन की टीम, तंबोला में फुल हाउस का पुरस्कार प्रियांशु, भव्या, रचित और तृप्ति ने पाया। इसके अलावा नृत्य, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, नमोकार मंत्र प्रतियोगिताएं हुईं।
शोभायात्रा से पहले श्रीजी को रथ पर लेकर बैठने का सौभाग्य तुषार जैन, कुबेर इंद्र की बोली आकाश जैन, रथ सारथी की बोली अक्षत जैन के नाम रही। शोभायात्रा मंदिर परिसर से शुरू होकर मुख्य बाजार तक निकाली गई। इस दौरान लोगों ने महावीर स्वामी के रथ पर फूल बरसाए। बैंडबाजों की धुन पर भक्त झूमते हुए निकले।
पूर्व राज्यमंत्री विमलकृष्ण अग्रवाल, पालिकाध्यक्ष पूनम अग्रवाल, सचिन अग्रवाल ने भी स्वागत किया। विसर्जन देर शाम मंदिर परिसर में हुआ। शोभायात्रा में अनूप जैन, रजनी जैन, जयदीप जैन, अर्जित जैन, अरुण जैन, कुलदीप, संगीता जैन आदि महिलाएं शामिल रहीं।