बदायूं। मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों में से अब गैर मुस्लिम बच्चों को अलग किया जाएगा। उनकी गिनती कराई जाएगी। इसके लिए अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय ने निर्देश दिए हैं। निर्देश मिलने के बाद मदरसों से ऐसे बच्चों की सूची मांगी गई है। आने वाले समय में गैर मुस्लिम बच्चों का सरकारी स्कूलों में दाखिला कराया जाएगा।
मदरसा बोर्ड की मान्यता पर 220 मदरसे जिले में संचालित हैं। यहां कक्षा एक से लेकर स्नातक, परास्नातक तक की पढ़ाई कराई जा रही है। मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या आकस्मिक सर्वे करके चेक करने के निर्देश शासन ने दिए हैं। इसके बाद विभाग की ओर से सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है।
दरअसल, अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय ने भेजे निर्देश में कहा है कि गैर मुस्लिम बच्चों को प्रवेश देने वाले सभी वित्तपोषित व मान्यता प्राप्त मरदसों की विस्तृत जांच करें। इनमें पढ़ने वाले गैर मुस्लिम बच्चों को अनौपचारिक शिक्षा दिलाने के लिए सरकारी स्कूलों में दाखिला कराएं।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मोहम्मद खालिद ने बताया कि निर्देश मिलने के बाद में सर्वे कराया जा रहा था। अभी 25 से 30 मदरसों का सर्वे पूरा हुआ है। इनमें एक भी गैर मुस्लिम बच्चा नहीं मिला। अगर आगे किसी मदरसे में गैर मुस्लिम विद्यार्थी मिलता है तो उसे सरकारी स्कूल में दाखिला दिलाएंगे।