उझानी। बरामयखेड़ा गांव में चल रहे श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के तीसरे दिन अनुष्ठान में पधारे मधुसूदनाचार्य महाराज ने यज्ञ का महत्व बताया। महाराज ने महायज्ञ स्थल पर पूजन भी किया। उन्होंने विष्णुचित्त महाराज और कथावाचक गौरव मिश्रा के साथ महायज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं।
मधुसूदनाचार्य महाराज ने कहा कि यज्ञ का पूजन धार्मिक विधि और विधान से किया जाना चाहिए। यज्ञ से आत्मीय सुख की अनुभूति होती है। इससे पहले कथावाचक अंबुज मिश्रा ने भागवत के प्रसंग सुनाए। कहा कि श्रीकृष्ण ने महाभारत में अर्जुन को उपदेश देकर धर्म की रक्षा करने का संदेश दिया था। धर्म की रक्षा के लिए कभी-कभी रिश्ते-नातों को भी त्यागना पड़ जाता है। कथा की व्यवस्थाओं में धर्मेंद्र चौहान, सुरेश शर्मा, ब्रह्मपाल सिंह, सत्यपाल और सुखवीर सिंह का सहयोग रहा। संवाद