बदायूं। तीन साल की बच्ची का अपहरण के बाद हत्या कर शव छुपाने के दो साल पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश मिर्जा जीनत ने दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
उझानी कोतवाली क्षेत्र के गांव हरहरपुर नरसिंहपुर निवासी ह्देश कुमार ने चार मई 2022 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने कहा था कि उनकी तीन वर्षीय बेटी काजल तीन मई की दोपहर से लापता है। पुलिस ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज छानबीन शुरू कर दी। छानबीन में पता चला कि गांव के ही प्रदीप पुत्र गोवर्धन तथा वीरेंद्र पुत्र लालाराम ने रंजिश के चलते बच्ची का अपहरण किया है।
अक्तूबर 2022 में पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने बच्ची का अपहरण कर हत्या करने की बात बताई। उन्होंने बताया था कि बच्ची के पिता ने एक दावत में उनके साथ मारपीट की थी। घटना वाले दिन बच्ची उनकी बाइक के आगे आ गई। इस पर दोनों उसे उठाकर ले गए और गला दबाकर हत्या कर दी। दोनाें के बताने पर पुलिस ने बच्ची का कंकाल ट्यूबवेल के बोरवेल से बरामद किया। दोनों को जेल भेजने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। इस मामले में बुधवार को दोनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।