बदायूं। उधार के रुपये न देने पर साधू की चाकू से गोदकर हत्या करने वाले आरोपी को फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश मिर्जा जीनत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जरीफनगर थाना क्षेत्र के गांव शेखूपुरा में रहने वाले मनोज पुत्र चंद्रपाल शर्मा ने 24 अप्रैल 2019 को थाने में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया कि 23 अप्रैल की शाम करीब 7:00 बजे कुंवरपुर चांदन निवासी मुनेश पुत्र नवाब सिंह हनुमानगढ़ी मंदिर पर आया था। यहां मंदिर के महंत साधु जगतानंद त्यागी उर्फ दिगंबर पूजा-अर्चना कर रहे थे।
वह साधु से एक लाख रुपये मांगने लगा। उन्होंने कहा कि पहले रुपये ले गया वह वापस कर दो तब फिर से रुपये लेना। इसी बात से गुस्साए मुनेश ने जान से मारने की नीयत से साधु के गले व शरीर पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में साधु बाबा गंभीर रूप से घायल हो गए।
उनके अनुयायी इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जा रहे थे कि उनकी रास्ते में मौत हो गई। पुलिस ने हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना एसआई देशराज को सौंपी गई। विवेचक ने घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन करते हुए 18 जून 2019 को आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया। न्यायाधीश ने साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद सजा सुनाई।