बदायूं। करीब नौ साल पहले ताबड़तोड़ फायरिंग में बच्चे की हुई हत्या के मामले में नामजद तीन दोषियों को जिला सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार अग्रवाल ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी पर 1.88 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
थाना दातागंज क्षेत्र के गांव मुढ़ापुख्ता निवासी सुरेंद्र ने 10 जून 2014 को रिपोर्ट लिखाई थी। डीजीसी फौजदारी अनिल कुमार राठौर के अनुसार सुरेंद्र नौ जून की शाम को अपने घर में बैठे थे। तभी गांव के रमेश, सत्ते सिंह और राकेश रंजिशन नाजायज असलहे लेकर उनके घर में घुस आए। घटना वाले दिन सुरेंद्र की भतीजी आशा अपने एक वर्षीय पुत्र लवकुश के साथ मौजूद थी।
इस दौरान रमेश ने नाजायज राइफल से जान से मारने के इरादे से सुरेंद्र के ऊपर कई गोलियां चलाई। रमेश की चलाई गोलियों से आशा और उसका बेटा लवकुश गंभीर घायल हो गए। लवकुश की बरेली के अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। पुलिस ने रमेश, सत्ते सिंह और राकेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। जिला सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार अग्रवाल ने अभियोजन की ओर से डीजीसी अनिल कुमार राठौर और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।