बदायूं। नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के सात साल पुराने मामले में स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट दीपक यादव ने नामजद आरोपी को मुजरिम ठहराया है। कोर्ट ने दोषसिद्ध को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही मुजरिम पर 57 हजार रुपये का अर्थदंड भी डाला है। अर्थदंड की धनराशि जमा होने पर आधी रकम पीड़ित किशोरी को देने का भी आदेश दिया है।
विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र सिंह वर्मा, अमोल जौहरी के अनुसार थाना उझानी क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 28 फरवरी 2016 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक वह और उसकी मां घर पर नहीं थे। उसकी नाबालिग बहन घर में अकेली थी। कस्बा कछला के वार्ड नंबर चार निवासी अशोक नुनहरे 24 फरवरी 2016 की रात में उसके घर में घुस आया।
आरोपी अशोक में तमंचे के जोर उसकी नाबालिग बहन के साथ मारपीट कर दुष्कर्म किया। वह और उसकी मां जब घर आए तो बहन ने सारी जानकारी दी। पुलिस ने अशोक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
स्पेशल जज दीपक यादव ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से वीरेंद्र सिंह वर्मा, अमोल जौहरी और बचाव पक्ष के अधिवक्ता के तर्कों को सुना। कोर्ट ने नामजद आरोपी अशोक को किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के मामले में दोषी ठहराया। कोर्ट ने दोषसिद्ध अशोक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही मुजरिम पर 57 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है।