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Budaun News: जमीन एक, बैनामे दो... खरीदार काट रहे चक्कर

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कई मामले आ चुके हैं सामने, रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी अब तक किसी मामले में नहीं हुई कार्रवाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। एक ही जमीन का दो बार बैनामा कराए जाने का खेल जोर पकड़ता जा रहा है। कुछ लोग खेत या प्लॉट का दो बार बैनामा कर मौज मार रहे हैं तो खरीदार थानों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं या फिर कोर्ट में मुकदमेबाजी में फंस कर रह गए हैं। बावजूद इसके ऐसे लोगों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
इस धंधे में शामिल लोग पहले किसी प्लॉट या खेत का इकरारनामा (एग्रीमेंट) कराते हैं, फिर किसी दूसरे के नाम उसी जमीन का बैनामा करा देते हैं। इस खेल के अब तक कई लोग शिकार बन चुके हैं।
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मामला-1
मामला नहीं सुलझा को नगला शर्की के किसान ने दे दी थी जान
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव नगला शर्की निवासी किसान रूम सिंह ने अपने भतीजे और भाभी से खेत का इकरारनामा कराया था। वह बैनामा करा पाते, उससे पहले भतीजे और भाभी ने दूसरे के नाम बैनामा कर दिया। जब उन्हें इस बात की जानकारी हुई तो वह स्तब्ध रह गए। हालांकि बात करने पर उन्होंने रूम सिंह के नाम से भी बैनामा कर दिया। उनकी दाखिल खारिज भी हो गई लेकिन कुछ दिन पहले नायब तहसीलदार ने उनकी दाखिल खारिज निरस्त कर दी और दूसरे खरीदार संजय रस्तोगी की पत्नी एकता के नाम दाखिल खारिज कर दी। दाखिल खारिज के लिए रूम सिंह ने कई चक्कर लगाए। जब बात नहीं बनी तो उन्होंने विषाक्त पदार्थ खाकर जान दे दी।
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मामला-2
बैनामा किया और लापता हो गई महिला
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के पड़ौआ गांव में भी इस तरह का एक मामला सामने आया। जिस जमीन का बैनामा गांव के वेदराम ने गंगा देवी के नाम किया था। उसी जमीन का बैनामा वेदराम की पत्नी रामबेटी ने नत्थूलाल के नाम कर दिया। बैनामा करने के बाद रामबेटी लापता हो गई। गंगा देवी के नाम दाखिल खारिज हो गई। नत्थूलाल ने काफी पैसा खर्च किया, बावजूद इसके उन्हें खेत नहीं मिला। 30 साल बाद रामबेटी का सुराग लगा तो उनके बेटे ने उन्हें पहचानने से इन्कार कर दिया। जबकि कुछ दिन पहले ही रामबेटी और उनके बेटे ने एक और जमीन का इकरारनामा किया था।
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मामला-3
खेत बेचने वालों ने ही कर लिया कब्जा

कुंवरगांव थाना क्षेत्र के गांव बाबट में खेत बेचने वालों ने ही उस पर कब्जा कर लिया। यहां के श्याम सिंह ने कुछ समय पहले गांव के प्रेमपाल से खेत का इकरारनामा कराया था। कई बार नोटिस देने पर भी जब उन्होंने बैनामा नहीं किया तो श्याम सिंह ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराया। बाद में कोर्ट के आदेश पर बैनामा हुआ। उनका कब्जा भी हो गया। कुछ दिन पहले आरोपियों ने फिर वहां पर कब्जा कर लिया। इस पर श्याम सिंह ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
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बाइपास और आवास विकास कॉलोनी में खेल जोरों पर
खेत या प्लॉट खरीदने वालों को बाइपास और आवास विकास कॉलोनी इलाके में ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। शहर के बाइपास पर एक ऐसा गैंग घूम रहा है जो इस खेल को चला रहा है। ऐसे में सिविल लाइंस और कोतवाली में कई एफआईआर भी दर्ज हो चुकी हैं। कई नामजद हैं पुलिस की कार्रवाई ठंडे बस्ते में है।
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उपनिबंधक कार्यालय में पूरी सावधानी बरती जाती है। जो भी बैनामे या इकरारनामा होते हैं उनका पुराना रिकॉर्ड देखा जाता है। मैं कुछ दिन पहले ही यहां आया हूं। जो भी व्यक्ति इस तरह के कार्य कर रहा है उसके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
- सैय्यद नदीम रजा, उपनिबंधक
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