बदायूं बिसौली में लंपी वायरस का एक संदिग्ध मिला है। एक घुमंतू गोवंश में इसके लक्षण बताए जा रहे हैं। जानकारी होने पर पशुपालन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर गोवंश को पकड़कर आइसोलेशन में रखा है। वहां पर डिप्टी सीवीओ की देखरेख में गोवंश का इलाज चल रहा है। फिलहाल उसका सैंपल लेकर आईवीआरआई बरेली भेजा गया है।
देश के कई राज्यों में गायों और भैंसों में लंपी स्किन रोग वायरस का संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है। सहारनपुर, मेरठ, अलीगढ़, आगरा में लगातार लंपी वायरस के केस मिल रहे थे। इसी बीच मंगलवार को जिले में भी लंपी वायरस की आहट सुनाई दी है। बिसौली में एक घुमंतू गोवंश लंपी वायरस का संदिग्ध मिला है।
लोगों ने घूमंतु गोवंश के बारे में सूचना पशुपालन विभाग के अधिकारियों को दी, जिस पर सीवीओ के निर्देश पर डिप्टी सीवीओ डॉ. केके त्यागी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घुमंतू गोवंश को बिसौली नगर में बनी टंकी के पास आइसोलेट करके उसका प्राथमिक उपचार किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि वायरस संदिग्ध गोवंश का सैंपल लेकर आईवीआरआई बरेली को भेजा गया है। वहां लैब में सैंपल की जांच की जाएगी।
रिपोर्ट मिलने के बाद में पुष्टि हो सकेगी कि यह गोवंश लंपी वायरस से संक्रमित है या नहीं। फिलहाल इसको संदिग्ध मानकर उपचार किया जा रहा है। इधर, यह भी चर्चा है कि बीमारी के लक्षण मिलने के बाद ही इस पशु को उसके मालिक ने सड़क पर छोड़ा है। लंपी वायरस का पहला संदिग्ध केस मिलने से पशुपालन विभाग भी चौकन्ना हो गया है।
क्या है लंपी वायरस
दुधारू मवेशियों में फैल रहे इस बीमारी को ‘गांठदार त्वचा रोग वायरस’ यानी एलएसडीवी कहा जाता है। इस बीमारी के लक्षणों में पशुओं को लगातार बुखार रहना, वजन कम होना, लार निकलना, आंख और नाक का बहना, दूध का कम होना, शरीर पर अलग-अलग तरह के नोड्यूल दिखाई देना व चकत्ता जैसी गांठें बन जाना है। बीमारी की चपेट में आने से बचाव के लिए पशुओं को मच्छरों व अन्य कीटों से बचाना जरूरी है। इसके लिए पशुपालकों को पशुओं के बांधने वाले स्थान पर धुएं आदि का प्रबंध करना चाहिए।
विभाग ने 50 हजार वैक्सीन मांगी
पशुपालन विभाग ने अन्य जिलों के हालात को देखते हुए करीब सात दिन पहले 50 हजार वैक्सीन की शासन को डिमांड भेजी थी, लेकिन अब तक जिले को एक भी वैक्सीन नहीं मिली। अब विभाग ने संदिग्ध लंपी वायरस के गोवंश के जानकारी देने के साथ ही दोबारा से वैक्सीन के लिए रिमाइंडर भेजा है।
सीडीओ ने मजिस्ट्रेट किए तैनात
लंपी वायरस का संदिग्ध पशु मिलने के बाद सीडीओ ऋषिराज ने तहसील स्तर से एसडीएम को जोनल मजिस्ट्रेट, ब्लॉक पर बीडीओ को मजिस्ट्रेट बनाया गया है। वहीं विकास खंड स्तर पर पशु चिकित्साधिकारी को नोडल अधिकारी और पशुधन प्रसार अधिकारी को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है, जो अपने इलाके में संदिग्ध पशुओं पर नजर रखेंगे।
ये भी जानें
- जिले में महिष वंशीय पशु - 1107170
- जिले में गोवंशीय पशु - 279790
बिसौली में एक घूमंतु गोवंश मिला है, जिसके लंपी वायरस से ग्रस्त होने की आशंका जताई जा रही है। डिप्टी सीवीओ को मौके पर टीम के साथ भेजकर इलाज शुरू करा दिया है। इसके सैंपल की आईवीआरआई में जांच कराई जाएगी, रिपोर्ट आने के बाद ही इसके बारे में स्पष्ट कुछ कहा जा सकेगा।
-एके जादौन, सीवीओ