बदायूं। परिषदीय स्कूलाें में छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। स्कूल में नामांकन के दौरान बच्चे और अभिभावक का आधार कार्ड लिया जा रहा है। जिन बच्चोें के पास आधार कार्ड नहीं है, उनका एडमिशन तो लिया जा रहा है, लेकिन आधार कार्ड बनवाने के लिए दो सप्ताह का समय दिया जा रहा है। अगर दो सप्ताह में वे आधार कार्ड नहीं देंगे तो उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा।
शासन ने परिषदीय स्कूलों में प्रवेश के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया है। ऐसे में स्कूल में नामांकन के समय बच्चों का आधार कार्ड नंबर भी अंकित किया जा रहा है। बच्चे का आधार कार्ड न होने की दशा में उसके माता-पिता का आधार नंबर अंकित किया जाना है। यदि माता पिता का भी आधार नहीं है, तो नामांकन के दो सप्ताह के अंदर आधार कार्ड बनवा लेने के लिए कहा जा रहा है। बिना आधार के अब सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं दिया जाएगा।
शिक्षकों का कहना कि आधार के अभाव में नामांकन कराने में परेशानी आ रही है। दरअसल, ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतर बच्चों के पास जन्म प्रमाणपत्र नहीं है। इस वजह से उनका आधार बनवाने में अभिभावकों को परेशानी आ रही है। पहले अभिभावकों को जन्म प्रमाणपत्र बनवाना होगा। इसके बाद बच्चे का आधार कार्ड बन पाएगा।