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कस्तूरबा विद्यालय : नौवीं और हाईस्कूल में दाखिले तो दे दिए...पर शिक्षिकाएं नहीं

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कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पढ़ाई करती छात्राएं। संवाद
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बदायूं। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय को पिछले साल ही जूनियर से माध्यमिक कर दिया गया। छह विद्यालयों में नवीं की कक्षाएं भी संचालित कर दी गईं। वहां पिछले साल कक्षा नौ की पढ़ाई हुई थी। इस बार छात्राएं हाईस्कूल की परीक्षाएं देंगी, लेकिन प्रशिक्षित स्टाफ न होने के कारण उनका भविष्य अंधकार मय हो सकता है।
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जिले में 18 कस्तूरबा विद्यालय हैं। इनमें से उसावां, म्याऊं, कादरचौक, सहसवान, जगत और समरेर में पिछले साल ही शैक्षिक भवन तैयार हो गया था। वहां पर पिछले साल कक्षा नौ की पढ़ाई शुरू हो गई थी। इस साल वहां पर हाईस्कूल के लिए छात्राओं का पंजीकरण करा दिया दिया गया है। इसके तहत समरेर में नौवीं में 21 और हाईस्कूल में 15 छात्राएं पंजीकृत हैं।
इसी प्रकार जगत में 31 व 14, सहसवान में 23 व 14, कादरचौक में 10 व 17, म्याऊं में 12 व 27, उसावां में 18 व 17 छात्राएं पंजीकृत हैं। इनको विद्यालय में ही शिक्षा दी जानी है। ऐसे में विद्यालय के पास कक्षा छह से आठ तक के छात्राओं को पढ़ाने का स्टाफ था। शिक्षक अब नौवीं कक्षा के साथ-साथ हाईस्कूल को भी पढ़ाएंगे। शिक्षकों को हाईस्कूल की पढ़ाई कराने में परेशानी आ रही है। वहीं छात्राओं को भी विषय ज्ञान पूरा नहीं मिल पा रहा।
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विद्यालयों में छात्राओं के लिए नियमित कक्षाएं संचालित करने के निर्देश हैं। पढ़ाई हो रही है। शिक्षकों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। जल्द ही नए शिक्षकों समेत अन्य स्टाफ की भर्ती जाएगी। फिर दिक्कत नहीं होगी। -प्रशांत गंगवार, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा
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