सावन के अंतिम सोमवार को शिवालयों में जलाभिषेक करने के लिए कछला गंगाघाट से शिवभक्तों की टोलियों के निकलने का सिलसिला मंगलवार को भी जारी रहा। हालांकि टोलियों की संख्या ज्यादा नहीं थी लेकिन पांच अगस्त को शिवतेरस से एक दिन पहले से ही शिवभक्ति का सैलाब फिर उमड़ पड़ेगा। कछला गंगाघाट पर मंगलवार को कांवड़ियों के पहुंचने का क्रम बरकरार रहा। उन्होंने गंगा स्नान करने के बाद कांवड़ पूजन फिर मंत्रोच्चार किया। मंत्रोच्चार के बाद शिवभक्तों ने कांवड़ उठाकर गंगा की आरती भी की। हाईवे होकर शिवभक्तों की टोलियों के गुजरने की रफ्तार धीमी रही। जो टोलियां निकली उनमें ज्यादातर आसपास जिलों के शिवभक्त थे। इस वक्त इलाके के वही शिवभक्त कांवड़ लेकर निकल रहे हैं जिन्हें गोला गोकर्णनाथ के शिव मंदिर में जलाभिषेक करना है। बदायूं के साइकिल सवार शिवभक्तों का जत्था अपराह्न में गंगाघाट पर पहुंचा। जत्थे में शामिल सभी शिवभक्त साइकिल से गोला गोकर्णनाथ तक जाएंगे। कांवड़ यात्रा के दौरान हाईवे पर बम-बम भोले गूंजता रहा। कांवड़ियों में बदायूं के चौधरी सराय इलाके के प्रेमपाल ने बताया कि सावन के अंतिम सोमवार को रक्षाबंधन जरूर है लेकिन जलाभिषेक को जोश बरकरार रहेगा। इससे पहले पांच अगस्त को शिवतेरस है। शिवतेरस पर जलाभिषेक का करने विशेष महत्व होता है। उस दिन शिवलिंग की पूजा का पुण्य भी कई गुना अधिक अर्जित होता है। इधर, शिवतेरस और सावन के अंतिम सोमवार को शिवभक्तों की खासी भीड़ जुटने की संभावना के मद्दनेजर प्रशासन ने भी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। प्रभारी निरीक्षक संजय गोयल ने बताया कि शुक्रवार से सोमवार तक गंगाघाट और बरेली-मथुरा हाईवे पर विशेष सतर्कता बरती जाएगी।