कादरचौक। रुहेलखंड के मिनी कुंभ ककोड़ा मेला के लिए गंगा तट पर भूमि चिह्नित करने के साथ स्थायी सड़कों और मेलास्थल के लिए शनिवार को निशान लगाने का काम भी पूरा कर लिया गया। इस बार कादरगंज-गंजडुंडवारा रोड से मेला की दूरी करीब 500 मीटर कम रहेगी। कादरगंज-गंजडुंडवारा रोड से ही मेलास्थल के लिए अस्थायी सड़कें बनाई जाती हैं।
जिला पंचायत के जेई केएन पांडेय, लालता प्रसाद कश्यप, कानूनगो शरबत अली, लेखपाल रिजवान, प्रमोद कुमार गंगा तट पर पहुंचे। इससे पहले भी यहां तीन स्थानों पर जगह की तलाश की जा चुकी है। कहीं उपयुक्त जमीन नहीं मिली, तो कहीं सड़क बनाने में दिक्कत थी। जगह-जगह तीन से चार फुट तक पानी भरा था। शुक्रवार और शनिवार को निरीक्षण के बाद जमीन तलाश ली गई।
पिछले वर्ष जिस स्थान पर मेला लगा था, इस बार भी उसी स्थान पर मेला लगेगा। हालांकि, इस बार गंगा कासगंज की सीमा से करीब 500 मीटर बदायूं की ओर आ गई है। शनिवार को जिला पंचायत और राजस्व विभाग की टीमों ने मेलास्थल और अस्थायी सड़कों के लिए निशान लगाने के बाद किसानों से रास्ते में आ रही फसलों को काटने के लिए कह दिया है।
मेला ककोड़ा का आयोजन सात से 15 नवंबर तक होना है। इस बार मेला का पश्चिमी हिस्सा बदायूं और पूर्वी हिस्सा कासगंज जिले की सीमा में होगा। सोमवार से मेलास्थल तक के लिए सड़कें बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। दरअसल, गंगातट पर मिनी कुंभ के लिए तमाम तैयारियां करनी होती हैं। ऐसे में जिला पंचायत के पास ज्यादा समय नहीं बचा है।
मेले को ऐतिहासिक और भव्य रूप देने की तैयारी
ककोड़ा मेला को जिला पंचायत इस बार ऐतिहासिक और भव्य रूप देने की तैयारी में है। दरअसल, 2020 में पहली बार मेला कोरोना के कारण नहीं लगा था। 2021 में शासन से मेला की अनुमति मिलने में देरी हुई थी।
मेले का आयोजन भव्य तरीके से किया जाएगा। मेला के लिए जमीन चिह्नित करने के बाद निशान लगाने का काम पूरा कर लिया है। तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। समय से सभी तैयारियां और व्यवस्थाओं को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। -वर्षा यादव, अध्यक्ष जिला पंचायत।