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मिनी कुंभ का उद्घाटन कल, मेलास्थल पर अव्यवस्थाएं तमाम

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मेला ककोड़ा के वीआईपी क्षेत्र में व्यवस्थाओं का जायजा लेते जितेंद्र यादव। संवाद - फोटो : BADAUN
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कादरचौक। रुहेलखंड के मिनी कुंभ ककोड़ा मेला का उद्घाटन सोमवार को केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा करेंगे। गंगा किनारे रेत की चादर पर तंबुुओं का शहर तो आबाद हो गया है, लेकिन यहां रह रहे श्रद्धालुओं को अव्यवस्थाओं के कारण दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। अब तक स्नान घाटों और मेलास्थल पर मार्गों का काम भी पूरा नहीं हो सका है।
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मेला स्थल पर करीब एक महीने से तैयारियां चल रही हैं। आठ नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा का मुख्य स्नान है। इस दिन लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ेगा। मुख्य स्नानघाट पर गंगा की गहराई ज्यादा होने के कारण पूरब और पश्चिम में दो स्थानों पर स्नान घाट बनाए गए हैं। अब तक दोनों स्नान घाट तक पूरी तरह से व्यवस्थित नहीं हो सके हैं। हालांकि, जिला पंचायत के एएमए मनोज कुमार सिंह का कहना है कि उद्घाटन से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी।
मेलास्थल पर कल्पवास करने आने वाले परिवारों की संख्या बढ़ती जा रही है। दुकानें सज चुकी हैं। दूसरी ओर वीआईपी इलाके में टेंट और डेकोरेशन का काम भी पूरा नहीं हो सका है। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग का काम भी लटका हुआ है। सर्कस चौराहा से कुर्मियान बस्ती का मार्ग पूरा नहीं हो सका है।
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लग्जरी कारों से लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉली और बैलगाड़ी तक
कादरचौक। मेला की ओर बढ़ रहे श्रद्धालुओं के कारवां में लग्जरी कारों से लेकर बैलगाड़ियां तक हैं। कुर्मियान मेला का पहुंचना भी शुरू हो गया है। शासन ने भले ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवारियां बैठाने पर पाबंदी लगा रखी है, लेकिन मेला में ज्यादातर लोग गृहस्थी का सामान और टेंट आदि लेकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से ही पहुंच रहे हैं। पुलिस भी उन्हें जाने दे रही है। इस बार आठ नवंबर को साल का अंतिम चंद्रग्रहण भी है। सनातन धर्म में सूर्य या चंद्रग्रहण के बाद गंगा स्नान का काफी महत्व है। शुक्रवार को देवोत्थान एकादशी के साथ ही बदायूं समेत कासगंज, बरेली, पीलीभीत, संभल जिलों से कल्पवास के लिए परिवारों का मेला तट पर पहुंचना शुरू हो गया है।
गहराई वाले इलाके में नदी किनारे खोदी गई खाई
मुख्य स्नान घाट पर करीब एक किमी क्षेत्र में इस बार गंगा की गहराई काफी ज्यादा है। अधिकारियों ने पहले तो यहीं पर मुख्य स्नान घाट बना दिया था। तीन दिन पहले डीएम दीपा रंजन ने मेला के निरीक्षण के दौरान मुख्य स्नानघाट पर गहराई नापी गई तो 30 फुट तक गहराई मिली। डीएम ने पूरब और पश्चिम दिशा में अगल-अलग गंगा घाट बनाने के निर्देश दिए। दोनों दिशाओं में गंगा घाट बन गए हैं। गहराई वाले स्थान पर करीब एक किमी की बैरिकेडिंग कराने के साथ खाई भी खोद दी गई है, ताकि गंगा के मुख्य घाट पर गहराई वाले स्थान पर कोई न पहुंच सके।
पहले दिन अस्पताल में 180 मरीजों की ओपीडी
मेलास्थल पर 10 बेड का अस्थायी अस्पताल बनाया जाना था। जब पूरब और पश्चिम में दो स्नान घाटों को लेकर स्थिति साफ हुई तो दोनों घाटों पर पांच-पांच बेड के अस्पताल स्वास्थ्य विभाग ने बनाए हैं। दस स्थानों पर प्राइमरी हेल्थ सेंटर भी बनाए हैं। शनिवार को मेलास्थल पर अस्थायी अस्पताल शुरू हो गया। पहले दिन यहां ओपीडी में 180 मरीज पहुंचे। एसीएमओ डॉ. तहसीन ने मेलास्थल पर पहुंच कर व्यवस्थाओं को देखा। रविवार को सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय भी मेला में स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेंगे।
डाकघर में पांच वर्ष तक के बच्चों के बनेंगे आधार कार्ड
बदायूं। मेलास्थल पर इस बार श्रद्धालु पांच वर्ष तक के बच्चों के आधार कार्ड भी बनवा सकेंगे। यहां बने अस्थायी डाकघर में पांच वर्ष तक के बच्चों के आधार कार्ड बनाने की व्यवस्था भी की गई है। हालांकि, इंटरनेट कनेक्टविटी की समस्या अब भी बनी हुई है। मेला में लोगों को बेहतर मोबाइल और इंटरनेट सिग्नल मिलें इसके लिए एक मोबाइल कंपनी की ओर से दो पोर्टेबल मोबाइल टॉवर भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि, अब तक मोबाइल टावर लगाने का काम शुरू नहीं हो सका है। संवाद

पीएसी के गोताखोरों को दिशा निर्देश देते मेला इंचार्ज दिनेश शर्मा। संवाद- फोटो : BADAUN

गंगा किनारे मिनी कुंभ में आबाद हुआ तंबुओं का अस्थायी शहर। संवाद- फोटो : BADAUN

गंगा किनारे गहराई वाले इलाके में की गई बेरीकेडिंग। संवाद- फोटो : BADAUN

मेला ककोड़ा में स्नान घाट का निरीक्षण करते पूर्व एमएलसी जितेंद्र यादव। संवाद- फोटो : BADAUN

कल्पवास को मेला ककोड़ा बैलगाड़ी से जाता एक परिवार। संवाद- फोटो : BADAUN

गंगा किनारे गहराई वाले इलाके के पास खोदी जाती खाई। संवाद- फोटो : BADAUN

मेला ककोड़ा में गंगा स्नान करते श्रद्धालु। संवाद- फोटो : BADAUN

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