गांव बरखेड़ा गौटिया में ग्रामीणों को जागरूक करते संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ. एके चौधरी व अन्य।
बदायूं। संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य मंगलवार करीब एक बजे सीएमओ कार्यालय पहुंचे। अधिकारियों ने सोचा कि शायद वह बिना अनुमति सीएमओ की गाड़ी ले जाने वाले मामले की जांच करने आए होंगे, लेकिन उन्होंने इस मामले की चर्चा तक नहीं की। उन्होंने बिनावर क्षेत्र के दो गांव का निरीक्षण किया। सीएमओ कार्यालय में संचारी रोग नियंत्रण की तैयारियों की समीक्षा की और चले गए।
संचारी रोग नियंत्रण के नोडल और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ. एके चौधरी ने मंगलवार को बिनावर के गांव बरखेड़ा गौटिया का निरीक्षण किया। उन्होंने गांव में साफ-सफाई और जलभराव की स्थिति देखी। ग्रामीणों को जागरूक करते हुए अपने आसपास सफाई रखने को कहा। वहीं बदायूं की टीम से डॉ. तहसीन और डॉ. कौशल गुप्ता साथ रहे।
इसके बाद उन्होंने पुठी सराय गांव का निरीक्षण कर साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस बार बदायूं में संक्रमण नहीं फैले, इसके लिए अभी से टीम को सतर्कता बरतनी होगी। बोले- ऐसी व्यवस्था बनाई जाए कि जलभराव न हो। गांव का निरीक्षण करने के बाद वह सीएमओ कार्यालय पहुंचे और सीएमओ डॉ. अब्दुल सलाम के साथ संचारी रोग नियंत्रण की तैयारियों की समीक्षा की।
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यह था मामला
शनिवार को सीएमओ को बिना बताए चालक मनोज कुमार सरकारी गाड़ी को लखनऊ ले गया था। शाहजहांपुर के पास बाइक सवार से गाड़ी टकरा गई। बदायूं से चलकर गाड़ी शाहजहांपुर तक पहुंच गई और सीएमओ को इसकी भनक तक नहीं लगी। पता करने पर सामने आया कि गाड़ी हेपेटाइटिस बी के सेंपल लेकर लखनऊ जा रही थी, जो हादसे का शिकार हो गई। हेपेटाइटिस बी के सेंपल लेकर सोमवार को एक बार फिर सीएमओ कार्यालय से दूसरी गाड़ी को लखनऊ भेजा गया। तीन दिन बीतने के बाद भी चालक पर कार्रवाई तो दूर अधिकारियों ने जांच करना भी उचित नहीं समझा।
संचारी रोग नियंत्रण का नोडल अधिकारी हूं, इसलिए जिले की व्यवस्थाओं को देखने के लिए आया था। मेरे पास बिना अनुमति के सीएमओ की गाड़ी लखनऊ भेजे जाने की कोई शिकायत नहीं आई थी। अगर आई होती तो उसकी जांच भी करके आते। - डॉ. एके चौधरी, संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य बरेली मंडल
गांव बरखेड़ा गौटिया में ग्रामीणों को जागरूक करते संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ. एके चौधरी व अन्य।