बदायूं। बिना अनुमति गाड़ी को ले जाने वाले चालक के खिलाफ जेडी और एडी हेल्थ ने निलंबित करने के लिए सीएमओ से कह दिया है, लेकिन सीएमओ अधिकारियों की बात को दरकिनार कर उसको बचाने का रास्ता तलाश कर रहे हैं।
सीएमओ को बिना बताए 5 अप्रैल को उन्हीं का चालक मनोज कुमार उनकी सरकारी गाड़ी लखनऊ ले गया था। गाड़ी में जिला अस्पताल से जाने वाले हेपेटाइटिस बी के सैंपल भी बिना अनुमति के चालक ने रख लिए थे। जैसे ही गाड़ी शाहजहांपुर के पास पहुंची तो सामने से आ रही बाइक सवार से टकरा गई।
चालक गाड़ी छोड़कर मौके से भाग गया था। बाद में सीएमओ को पता लगा, लेकिन इससे पहले उन्हें भी यह जानकारी नहीं थी कि मनोज उनकी सरकारी गाड़ी ले गया है। इसके बाद सीएमओ ने चालक को हटाकर अपने कार्यालय में संबद्ध कर लिया और दूसरे चालक को ड्यूटी पर लगा दिया।
संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य एके चौधरी जब बदायूं दौरे पर यहां आए तो उन्होंने सीएमओ को सक्षम अधिकारी बताते हुए उनसे चालक की लापरवाही पर निलंबित करने का मौखिक आदेश भी दिया। इसके बाद सीएमओ अब्दुल सलाम ने एडी हेल्थ पुष्पा पंत को भी पत्र भेजकर कार्रवाई करने को कहा, जिस पर उन्होंने भी सीएमओ को ही सक्षम अधिकारी बताया और कार्रवाई के निर्देश दिए, लेकिन अब चालक को निलंबित करने के बजाय उसको बचाने का प्रयास किया जा रहा है। सीएमओ अब्दुल सलाम का कहना है कि जितना दोष था उतनी कार्रवाई कर दी गई है। चालक को ड्यूटी से हटाकर कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।