बदायूं। दो बच्चों की हत्या के सह आरोपी जावेद ने एनकाउंटर के डर से बरेली में समर्पण किया था। जेल भेजे जाने से पहले उसने बताया कि अगर वह एक-दो दिन और नहीं आता तो पुलिस की टीमें उसे खोजते हुई दिल्ली पहुंच जातीं और फिर उसे भी मार दिया जाता। उसके आत्मसमर्पण करने के बाद एसएसपी समेत तमाम पुलिस अधिकारियों ने उससे पूछताछ की, लेकिन वारदात की वजह सामने नहीं आ सकी।
बच्चों के परिजनों से नहीं कराया आमना-सामना
पुलिस को जावेद का बच्चों के माता-पिता और दादी से आमना-सामना कराना चाहिए था। इससे उसकी कहानी की प्रामाणिकता साबित करने में मदद मिलती, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। पुलिस ने जावेद से जो सवाल पूछे उनमें तमाम ऐसे थे, जिनके जवाब बच्चों के परिजनों से आमने-सामने क्रॉस चेक कराए जाने जरूरी थे।