जगत ब्लॉक से शुरू हुआ मलेरिया का प्रकोप जिला जेल तक पहुंच गया है। कई बंदी और कैदी बुखार की चपेट में हैं। जेल प्रशासन ने इस बारे में स्वास्थ्य विभाग को लिखा, इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने जेल में बंद 28 बंदियों और कैदियों के सेंपल लिए हैं। इनकी जांच रिपोर्ट गुरुवार तक आ जाएगी। जिला जेल की क्षमता 529 बंदियों और कैदियों को रखने की है। यहां क्षमता से चार गुना 1900 से ज्यादा बंदी और कैदी बंद हैं। ऐसे में संक्रामक रोगों के सीजन में बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। जिले में 15 दिन पहले ही मलेरिया दस्तक दे चुका है। अब तक 17 लोगों की जान भी जा चुकी है। जेल में कई बंदियों और कैदियों को बुखार की शिकायत पर जेल प्रशासन भी हरकत में आ गया। हालांकि, इनका जेल अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसके बावजूद जेल प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मलेरिया और डेंगू के संदिग्ध मरीजों की जांच करा लेना जरूरी समझा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को लिखा। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जेल पहुंच कर यहां बंद बंदियों और कैदियों के 28 सेंपल लिए हैं। इनकी जांच की जा रही है। गुरुवार को रिपोर्ट आने साथ साफ हो जाएगा कि जेल में कोई बंदी-कैदी मलेरिया या डेंगू की चपेट में तो नहीं है। जेलर प्रेम सागर शुक्ला ने बताया कि एहतियात के तौर पर बंदियों और कैदियों के रक्त की जांच कराई गई है। ताकि अगर किसी बंदी-कैदी को डेंगू या मलेरिया की शिकायत होती है तो उसका बेहतर इलाज कराया जा सके।