फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budaun News: बंदियों की शिफ्टिंग से बदला जेल का माहौल जेल प्रशासन सतर्क, कड़ी की गई सुरक्षा व्यवस्था

Mon, 04 Sep 2023 01:32 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
विज्ञापन
विज्ञापन
बदायूं। जेल की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने की आशंका से पड़ोसी जिलों से 12 खूंखार बंदी बदायूं शिफ्ट किए गए तो जेल का माहौल संवेदनशील हो गया। एहतियातन बदायूं जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है।
विज्ञापन


यह बंदी मुरादाबाद, शामली, मुजफ्फरनगर, फर्रुखाबाद, मेरठ, बरेली और कासगंज के रहने वाले हैं। यह बंदी जिन जेलों में कैद रहे थे। वहां लगातार जेल प्रशासन के लिए मुसीबत खड़ी कर रहे थे या फिर लगातार आपस में विवाद कर रहे थे। इससे उन्हें एक-एक करके बदायूं जेल में शिफ्ट कर दिया गया। वैसे प्रशासनिक आधार पर भेजे गए बंदियों की संख्या 13 थी लेकिन शनिवार को बरेली के एक बंदी की जमानत हो गई।
बताया जा रहा है कि इनमें मुरादाबाद से आए बंदी पर पांच मुकदमे दर्ज हैं। उनमें एक मुकदमे में उसको सजा भी हो चुकी है। दो बंदी शामली जिले से आए हैं। उनमें एक हनी नाम का बंदी ज्यादा खतरनाक बताया जा रहा है। तो वहीं मुजफ्फरनगर से आया बंदी सचिन अपने जिले में कुख्यात माना जाता है। उनके अलावा फर्रुखाबाद से तीन, बरेली से तीन और कासगंज से एक बंदी भेजा गया है। इन बंदियों के खिलाफ भी कई मुकदमे दर्ज हैं लेकिन मुजफ्फरनगर और शामली के बंदियों से ज्यादा खतरनाक नहीं है। इन बंदियों पर दर्ज मुकदमे और पिछली जेलों के चाल-चलन को देखते हुए बदायूं जेल में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इन्हें अलग बैरक में रखा जा रहा है।
विज्ञापन


मेरठ के दो भाइयों पर दर्ज हैं 150-150 मुकदमे



- बदायूं जेल में मेरठ के दो सगे भाई भी बंद हैं। मेरठ निवासी विशाल और ललित पर करीब 150-150 मुकदमे दर्ज थे। उनमें अधिकतर मुकदमों में निर्णय हो चुका है लेकिन अभी भी 75-75 मुकदमे ट्रायल पर चल रहे हैं। बताया जा रहा है कि सपा शासन काल में दोनों भाइयों ने बाइक वोट घोटाला किया था। उनके खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में मध्यप्रदेश, राजस्थान और दिल्ली समेत कई जिलों में मामले दर्ज हुए थे।



- बदायूं जेल में प्रशासनिक आधार पर 13 बंदियों को भेजा गया था। उनमें एक बंदी की जमानत हो चुकी है। अब केवल 12 बंदी बचे हैं। उन पर लगातार नजर रखी जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत है। - डाॅ. विनय कुमार, जेल अधीक्षक
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें